गाजियाबाद। मासूम से छेड़छाड़ करने के दोषी सोनू को पॉक्सो कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश हर्षवर्धन ने पांच वर्ष कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर दस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। इसमें से आधी धनराशि बच्ची को देने का आदेश दिया है। अदालत ने बच्ची के बयान को अहम माना था। विशेष लोक अभियोजक हरीश कुमार ने बताया कि थाना नंदग्राम क्षेत्र में रहने वाले एक व्यक्ति ने पांच दिसबंर 2021 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी छह वर्ष की मासूम बच्ची अपने घर के बाहर दोपहर लगभग तीन बजे खेल रही थी तभी पड़ोस में रहने वाले सोनू ने उसे रुपये दिए और अपने साथ उसे बहलाकर अपने घर ले गया। बच्ची को घर में ले जाकर उसके साथ छेड़खानी करने लगा। बच्ची वहां से किसी तरह भाग निकली। बाद में घर आकर बच्ची ने यह बात अपने पिता को बताई। बच्ची के पिता ने छह दिसंबर को सोनू उर्फ आशू के खिलाफ नंदग्राम थाने में रिपोर्ट दर्ज करा दी। गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने दो फरवरी 2022 को अदालत में आरोप पत्र पेश किया था। सोमवार को मामले की अंतिम सुनवाई करते हुए पेश सबूत और गवाहों के बयान के आधार पर सोनू को कारावास की सजा सुनाई।
