सरकारी स्कूल से दसवीं व 12 वीं की पढाई की है। 12वीं कक्षा 82 प्रतिशत अंको से पास की । हांसी के राजकीय कॉलेज से बीए पास की। उन्होनें बताया की कॉलेज की पढाई के दौरान लेक्चरर डॉ विनोद ने यूपीएससी के लिए प्रेरित किया। उसके बाद यूपीएससी की जानकारी जुटाई और 10 माह शहर की एक लाइब्रेरी में जाकर तैयारी की। पिता के साथ मजदूरी करने के साथ साथ उमरा गांव के रहने वाले 21 वर्षीय दिनेश सुगलान ने प्रथम प्रयास में यूपीएससी की परीक्षा पास की है। केवल 10 माह की कोचिंग से 889 वी रैंक प्राप्त की है ।
लेक्चरर डॉ विनोद ने यूपीएससी के लिए प्रेरित किया
सरकारी स्कूल से दसवीं व 12 वीं की पढाई की है। 12वीं कक्षा 82 प्रतिशत अंको से पास की । हांसी के राजकीय कॉलेज से बीए पास की। उन्होनें बताया की कॉलेज की पढाई के दौरान लेक्चरर डॉ विनोद ने यूपीएससी के लिए प्रेरित किया। उसके बाद यूपीएससी की जानकारी जुटाई और 10 माह शहर की एक लाइब्रेरी में जाकर तैयारी की। गांव व परिवार में खुशी का माहौल
दिनेश ने बताया कि सेल्फ स्टडी के बल पर ही यह मुकाम हासिल किया है। पढाई के दौरान अन्य लोगों से संपर्क कम कर दिया था।दिनेश के परिवार में मां, बाप, दो बहन और दो छोटे भाई हैं। उनके माता पिता अनपढ़ है। परिवार चलाने के लिए उसके पिता आजाद सिंह मजदूरी का कार्य करते हैं। दिनेश कभी कभार पिता के साथ मजदूरी किया करता था। दिनेश का यूपीएससी क्लियर होने पर गांव व परिवार में खुशी का माहौल है।
