कृषि एवं सम्बद्ध क्षेत्र की बजट प्राथमिकताओं पर परामर्श कार्यशाला हुई
राजनादगांव। सीबीजीए नई दिल्ली एवं समर्थन संस्था रायपुर के द्वारा गत दिवस कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र की बजट प्राथमिकताओं पर कार्यशाला होटल अवाना में हुई।
कार्यशाला के प्रारंभ में राजेश साहू ने कृषि बजट की प्राथमिकताएं व सम्बद्ध क्षेत्र में नीतिगत सुधार लाने तुलनात्मक अध्ययन रिपोर्ट साझा की। बताया कि भारत सरकार की बजट में कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र के लिए 2.92 प्रतिशत राशि निर्धारित किया गया है। वही छत्तीसगढ़ सरकार बजट में कृषि एवं संबंध क्षेत्र के लिए 9% तय किया गया है इस पर भी गहन चर्चा एवं विश्लेषण की जरूरत है।वर्तमान बजट में व्यक्ति आधारित क्षेत्र के लिए ज्यादा जोर दिया गया है।
कार्यशाला के प्रथम सत्र में विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ कृषि विभाग के सहायक संचालक टीकम ठाकुर, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी अविनाश दुबे ने उपस्थित प्रतिभागियों के सवालों का जवाब दिया। साथी विभागीय नीतियों से उपस्थित जनों को अवगत कराया। कार्यशाला की द्वितीय सत्र में पैनलिस्ट के रूप में उद्यान विभाग के उपसंचालक राजेश शर्मा, कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक श्री स्वर्णकार, जन कल्याण संस्था के अध्यक्ष योगेश प्रताप सिंह एवं प्रगतिशील कृषक प्यारा दास साहू मंचासीन थे।
पैनलिस्ट योगेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि राज्य स्तर एवं जिला स्तर के बजट मैं कोई खास बढ़ोतरी नहीं दिखाई दे रही है। किसानों को संसाधनों पर ध्यान देने की आवश्यकता है तभी किसानों की आय सुनिश्चित होगी। पशुधन को बढ़ाने के लिए पशुओं की पहचान के लिए टैग सुनिश्चित होना चाहिए इसके लिए समुदाय की सहभागिता जरूरी है।
उद्यानिकी विभाग के प्रमुख राजेश शर्मा ने बताया कि केंद्र की बजट हो या फिर राज्य की, एग्रीकल्चर के साथ हॉर्टिकल्चर पर भी विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।उन्होंने विभाग की योजना की जानकारी देते हुए बताया कि 2.50 एकड़ भूमि पर तालाब खनन के लिए 20 लाख रुपए का प्रावधान है जिसे जेसीबी और ट्रैक्टर के द्वारा खुदाई कराया जा सकता है.। उन्होंने आगे बताया कि 10 लाख का अनुदान एफपीओ को देने का प्रावधान है।
प्यारा दास साहू जी ने कृषि उपज के एमएसपी मे कमी पर चिंता जाहिर की। कार्यशाला को वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक स्वर्णकार ने भी संबोधित कर जानकारी साझा कीराज्य अलंकरण पुरस्कृत कृषक अनेश्वर वर्मा ने गुणवत्तापूर्ण खाद की आपूर्ति कम होने एवं गौठानों में पर्याप्त पैरा की व्यवस्था नहीं होने पर चिंता जाहिर किया। कार्यशाला में छुईखदान, खैरागढ़, राजनादगांव, छुरिया एवं अंबागढ़ चौकी के एफपीओ,अधिकारी, कर्मचारी व संगठन के सदस्य गण कार्यशाला में उपस्थित रहे ।
