० राज्य सरकार के सामने रखी गयी विभिन्न मांगे
० मांग पूरी होने के बाद ही चलेंगी बसें
राजनांदगांव। राज्य सरकार के आदेश के बाद भी प्रदेश सहित राजनांदगांव में बस चलाने से बस मालिकों ने मना कर दिया है। बस मालिकों का कहना हैं कि पहले उनके द्वारा रखी गई मांग को राज्य सरकार पूरी करें उसके बाद ही वो बसे चलायेंगे। बस मालिकों ने जो मांग सरकार से रखी है, उनमें लॉक डाउन अवधि के आगामी 6 माह का टैक्स माफ, डीजल की कीमतों के अनुपात में यात्री किराए में वृद्धि और नॉन यूज बसों को बिना टैक्स लिए खड़ी करने की अनुमति दी जाए। इन सभी मांगों के पूरे होने के बाद ही बस मालिकों ने बस चलाने की बात कही है। राज्य सरकार ने यात्रियों की सुविधा के लिये राज्य में गुरूवार से बस सेवा चालू करने की अनुमति दी है, सरकार ने कुछ नियमों के साथ ये सेवा 25 जून से चालू करने को कहा था। सरकार ने जिन नियमों के तहत बस चालू करने कहा है उनमें यात्री, ड्राइवर और कंडक्टर को मॉस्क लगाना अनिवार्य होगा। साथ ही बसों को रोजाना सैनिटाईज करना भी अनिवार्य होगा।छत्तीसगढ़ यातायात महासंघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं राजनांदगांव जिला मिनी बस एसोसिएशन के अध्यक्ष रईस अहमद शकील ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा 25 जून से पूरे प्रदेशभर में बस चलाने की अनुमति दी गयी थी, जिसको लेकर दुर्ग में छत्तीसगढ़ यातायात महासंघ एवं बस कंफेडरेशन ऑफ छत्तीसगढ़ की प्रदेश स्तरीय बैठक रायपुर के सभापति प्रमोद दुबे एवं महासंघ के अध्यक्ष प्रकाश देशलहरा के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुई। जिसमें कोरोना वायरस के चलते बस संचालकों को आ रही कठिनाइयों एवं समस्याओं पर चर्चा की गई। बैठक में विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की गई, जिसमें प्रमुख रूप से 6 माह तक कर से छूट, डीजल के मूल्य में भारी वृद्धि के कारण बस किराया बढ़ाये जाने, बसों के निष्प्रयोग यानी आई फॉर्म एम फॉर्म के नियम को खत्म करने, स्लीपर बस का कर एक सीट का एक ही लेने जो अभी दुगुनी है, आरटीओ को बस से संबंधी कार्यों के लिए पूर्व की भांति शक्तियों का प्रत्यायोजन, बीमा की वैधता बढ़ाने सहित भिन्न-भिन्न मांगों पर चर्चा की गई। बैठक में महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष ने विस्तारपूर्वक माँगों को रखा जिस पर प्रमोद दुबे ने शासन से उचित सहायता एवं रियायत दिलाने का भरोसा दिलाया है। श्री अहमद ने बताया कि राज्य सरकार के दिशा निर्देशों के बाद बस चलाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। वहीं दिन प्रतिदिन डीजल के कीमतों में हो रही वृद्धि से 50 प्रतिशत किराया दरों में वृद्धि किया जाये। साथ ही स्थायी नीति भी बनायी जाये, ताकि डीजल के कीमतों के हिसाब से किराया निर्धारित किया जाये। सबसे बड़ी समस्या डीजल एवं बस के टायर से होगी, चूंकि जहां से टायर खरीदा जाता था, वह कंपनी लॉक डाऊन की वजह से बंद पड़ी है। ऐसे में टायर वहन करना सबसे बड़ी समस्या है। वहीं स्पेयर्स पार्ट्स की फैक्टि्रयां बंद पड़ी है, जिससे सामान का रेट दोगुना हो गया है, ऐसे में सामान खरीदना भी बड़ी चुनौती होगी। बैठक में प्रमोद दुबे, महासंघ के अध्यक्ष प्रकाश देशलहरा, भावेश दुबे, संघ के विधि सलाहकार शिवेश सिंह, अजय गिल, सय्यद अनवर अली, अकरम खान, नवशरण गरचा, अमरजीत चहल, एजाज कुरैशी, बस्तर से जीपी गुप्ता, शिवरतन गुप्ता, अनुराग शुक्ल, बिलासपुर से नंदकुमार वर्मा, श्यामलाल दुबे, गुरुदीप कस्तूरिया, राजनांदगांव से विनीत लुनिया, धमतरी से चंपालाल साहू, महावीर गुप्ता, अरशद चांगल, नरेन्द्र गुप्ता गोविंद साहू, अनवर सोलंकी, रायपुर से कमलजीत पानथरे, शकील अहमद, तौसीफ भाई, मोहन कसार, शेषनारायण कसार, केशर अग्रवाल, दुर्ग से आनंद यादव, मनीष जैन, पीयूष देशलहरा, अनूप यादव, सुमित ताम्रकार, लोकेश्वर ठाकुर, जावेद अहमद, जाहिद खान, जसकीरत बल, सिकन्दर सेखों, करनजीत बल, हिरामन बंजारे, करीम खान, कवर्धा से राजेन्द्र ठाकुर, राघवेंद्र गुप्ता, सरगुजा से प्रितपाल भाटिया सहित भारी संख्या में पूरे प्रदेश के बस संचालक उपस्थित थे।
