इटावा। 11 माह पूर्व प्रेम विवाह करने वाली युवती की ससुराल में संदिग्ध हालात में मौत हो गई। उसके गर्भ में जुड़वां बच्चे थे। मृतका के भाई ने दहेज हत्या का आरोप लगाकर भरथना थाने में पति, सास-ससुर के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है।
कुतुबपुर निवासी रणजीत सिंह ने बेटी आरती (24) की शादी तीन मई 2022 को चनेहटी गांव निवासी अंकुश यादव के साथ की थी। आरती के भाई धीरज यादव ने बताया कि अंकुश दिल्ली की एक कंपनी में नौकरी करता है। गुरुवार रात करीब 10 बजे आरती के चचेरे देवर नवल ने जानकारी दी कि आरती की मौत हो गई है। जब तक वह पिता के साथ मौके पर पहुंचे शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा चुका था।
धीरज ने आरोप लगाया कि पति अंकुश, ससुर जसवंत सिंह यादव व सास ने दहेज की मांग पूरी न होने पर बहन के साथ मारपीट की और फंदा लगाकर उसे मार डाला। वह ढाई माह की गर्भवती थी। भरथना थाना प्रभारी रणबहादुर सिंह ने बताया कि पति, सास-ससुर के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
तीन लाख रुपये मांग रहे थे
आरती की जिद के आगे परिजनों ने जब अंकुश के साथ शादी कर दी तो दो माह बाद ही उसका असली चेहरा आरती के सामने आ गया।
भाई धीरज और चाचा अरुण कुमार यादव ने बताया कि अंकुश शराब के नशे में आरती के साथ मारपीट करने लगा। ससुराली तीन लाख रुपये की मांग कर रहे थे। पैसे न मिलने पर आरती का उत्पीड़न ज्यादा होने लगा। धीरज के मुताबिक आरती ने जब अंकुश की हरकतें बताईं तो उसने पत्नी जौली को बहन के घर भेज दिया। 15 दिन जौली वहां रही और बीते बुधवार को ही वहां से लौटकर आई थी। जौली ने बताया था कि अंकुश शराब के नशे में आरती के साथ गालीगलौज और मारपीट करता है। उसने अंकुश को समझाया भी लेकिन उसे नहीं पता था कि बात यहां तक बढ़ जाएगी। धीरज ने बताया कि जब पता चला कि आरती जुड़वां बच्चों की मां बनने वाली है तो सभी खुश थे।
