इंदौर
जीएसटी कर प्रणाली को लागू हुआ पांच वर्ष हो रहे हैं लेकिन अब तक जीएसटी का पोर्टल की बदहाली दूर नहीं हो सकी है। बीते समय ही जीएसटी में नए 2-बी फार्म प्रारुप को लागू किया गया था। अप्रैल से लागू होने वाली 2-बी प्रणाली पहले ही महीने में फेल हो गई है। मई का मासिक 3-बी रिटर्न दाखिल करने में अब 3 दिन बाकी है। जीएसटी पोर्टल पर नया फार्म 2-बी लोड नही हो सका है। नतीजा व्यवसायी रिटर्न दाखिल करने से चूकते दिख रहे हैं। तीन दिनों से परेशानी झेलने के बाद अब सीबीआइसी ने संकेत दिया है कि रिटर्न जमा करने की अंतिम तारीख बढ़ाई जा सकती है।
जीएसटी के अंतर्गत पहले टैक्स क्रेडिट लेने के लिए फार्म 2-ए का प्रारुप लागू था। एक अप्रैल से इसे हटाकर नया फार्म 2-बी लागू कर दिया गया। जीएसटी काउंसिल ने आदेश जारी कर दिया कि बीते महीने के 2-बी फार्म में जितनी क्रेडिट दिखेगी अगले महीने के रिटर्न में उसी इनपुट टैक्स क्रेडिट को व्यापारी क्लेम कर सकेगा। अप्रैल माह का मासिक रिटर्न जमा करने की आखिरी तारीख 20 मई है। फार्म 2-बी अब तक पोर्टल पर अपलोड नहीं हुआ है। नतीजा व्यापारी न तो टैक्स क्रेडिट क्लेम कर पा रहे हैं और ना हीं रिटर्न दाखिल कर पा रहे हैं। चार दिनों से कारोबारी जीएसटी काउंसिल और नेटवर्क के आधिकारिक ट्वीटर हैंडल पर ट्वीट कर और ईमेल भेजकर परेशानी बता रहे हैं। पहले से तो जीएसटीएन ने पुराने फार्म 2-ए जिसे प्रणाली से बाहर कर दिया है उसी के आधार पर क्रेडिट लेने का ट्वीट कर दिया। कर सलाहकारों और वकीलों को इस पर संशय रहा।
अब केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीआइसी) ने मंगलवार सुबह ट्वीट कर संदेश दिया है कि व्यापारियों की परेशानी संज्ञान में आई है व सीबीआइसी जीएसटी रिटर्न की तारीख बढ़ाने पर विचार कर रहा है। इधर जीएसटी नेटवर्क की परेशानियों पर व्यवसायी और कर सलाहकार नाराज व गुस्सा है। कमर्शियल टैक्स प्रेक्टिशनर्स एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष एडवोकेट एके गौर के अनुसार हैरानी यह है बिना सोचे-समझे नया फार्म लागू कर दिया जाता है। जीएसटी का नेटवर्क ही उसे सपोर्ट नहीं करता। व्यापारी परेशान होकर समय और संसधान खर्च करते हैं। जब परेशानी बढ़ती है तब जाकर सीबीआइसी सुध लेता है। बेहतर है कि किसी भी नए बदलाव को लागू करने से पहले जीएसटी काउंसिल खुद सिस्टम चेक करें।
