भोपाल
मध्यप्रदेश में OBC आरक्षण के बिना पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सियासत गरमाई हुई है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी अपना विदेशी दौरा टाल दिया। इसके बाद सीएम बुधवार शाम दो मंत्रियों के साथा सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से चर्चा करने के लिए दिल्ली रवाना हो गए। कांग्रेस-बीजेपी ने इस संबंध में रणनीति उजागर कर दी है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा- कांग्रेस पार्टी चुनाव में OBC कैंडिडेट्स को 27% टिकट देगी।
इससे एक कदम आगे BJP प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा ने कह दिया कि योग्यता रखने वाले OBC कार्यकर्ताओं को इससे ज्यादा सीटों पर टिकट देंगे। इस बीच, राज्य निर्वाचन आयोग ने सुप्रीम कोर्ट से मिले डायरेक्शन का पालन कराने के लिए चुनावी तैयारियों की समीक्षा के लिए बुधवार को इंटरनल बैठक बुला ली।
राज्य निर्वाचन आयुक्त बसंत प्रताप सिंह ने कहा कि पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव 30 जून तक कराए जाएंगे। इसके लिए समीक्षा की गई कि यदि आज हमें चुनाव डिक्लेयर करना हो, तो क्या हम इसके लिए तैयार हैं? हमारी तैयारी पूरी है। सुप्रीम कोर्ट ने दो सप्ताह का समय दिया है। इन दो सप्ताह में हम चुनाव की घोषणा कर देंगे। एक चुनाव (नगरीय निकाय चुनाव) ज्यादा से ज्यादा 10 से 12 जून तक खत्म कर देंगे। दूसरा चुनाव (पंचायत चुनाव) 30 जून तक खत्म करेंगे।
किसी भी स्थिति में 24 मई को चुनाव अनांउस करेंगे
राज्य निर्वाचन आयुक्त सिंह ने साफ तौर पर कहा कि अर्बन बॉडी का परिसीमन है। रूरल बॉडी का परिसीमन भी है। चूंकि नगरीय निकाय में परिसीमन और आरक्षण दोनों उपलब्ध हैं, इसलिए चुनाव हम आज ही डिक्लेयर कर सकते हैं। उसमें कोई कमी नहीं है। पंचायत में परिसीमन है, अभी आरक्षण नहीं है। तो आरक्षण के बिना हमें डिक्लेयर करने में दिक्कत होगी या सुप्रीम कोर्ट के आदेश अनुसार हमें पीछे 2019 में जाना होगा, लेकिन तब से परिस्थितियां बदल गई हैं। कई पंचायतें खत्म हो गई हैं। कुछ अर्बन बॉडी आ गई हैं। हालांकि हमें चुनाव कराने के आदेश का पालन करना है। यदि विवशता हुई, तो हमें 2019 के हिसाब चुनाव कराएंगे, लेकिन हमें समय सीमा में आरक्षण मिल जाता है, तो हम नए हिसाब से चुनाव करांएगे। किसी भी स्थिति में हम 24 मई से पहले दोनों चुनाव अनाउंस कर देंगे। कोशिश होगी कि 30 जून तक पंचायत और नगरीय निकाय के चुनाव खत्म कर दें।
सरकार सफल होती है, तो मॉडिफाइड ऑर्डर का पालन करेंगे
राज्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि रिव्यू पिटीशन तो दायर नहीं हो सकती। क्योंकि यह फाइनल ऑर्डर नहीं है, अंतरिम ऑर्डर है। इस पर मॉडिफिकेशन की एप्लीकेशन लग सकती है। सरकार ने कहा है कि वो उनका अधिकार है। अगर सरकार मॉडिफिकेशन के लिए जाती है, उसमें सफल होती है, तो उसके अनुसार काम करेंगे। हमें तो कोर्ट का आदेश का पालन करना है। हमने कलेक्टर्स के साथ बैठकें की हैं। हम बहुत समय से तैयार हैं। हमें इलेक्शन कराने में दिक्कत नहीं होगी। एक चुनाव ज्यादा से ज्यादा 10-12 जून तक खत्म कर देंगे। दूसरा चुनाव 30 जून तक खत्म करेंगे।
