इंदौर
नगर निगम द्वारा इस वर्ष का 7262 करोड़ रुपये का बजट पेश किया गया। निगम प्रशासक व संभाग आयुक्त डॉक्टर पवन शर्मा की मौजूदगी में निगम के वित्त विभाग के अपर आयुक्त वीरभद्र शर्मा बजट को पेश किया। पिछले वर्ष के मुकाबले इस बार निगम का बजट काफी ज्यादा होगा। नगर निगम द्वारा पिछले साल 5200 करोड़ रुपये का बजट पेश हुआ था। पेश किया गया बजट 81 हजार करोड़ रुपये घाटे का बजट है। निगम के राजस्व में 49 प्रतिशत वृद्धि हुई है।
निगम प्रशासक व संभाग आयुक्त डॉक्टर पवन शर्मा व निगम आयुक्त प्रतिभा पाल ने बजट पेश किया है। इसके बाद पत्रकार वार्ता में उन्होंने बताया कि शहर के हर वार्ड में हॉकर ज़ोन बनेंगे। 200 मीट्रिक टन का सी एंड डी प्लांट बनाया जाएगा। तीन तालाबों का होगा उन्नयन किया जाएगा। शहर के 10 वार्ड में 100 प्रतिशत रेन वाटर हार्वेस्टिंग लगाए जाएंगे। इसके अलावा 31 मई को इंदौर गौरव दिवस मनाने का निर्णय लिया गया है। बजट में इसके लिए भी राशि का प्रविधान रखा गया है। बजट में शहर के यातायात में सुधार के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रविधान रखा गया है। साथ ही निगम की प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत नौ हजार आवास बनाने की योजना भी है। शहर में हरियाली बढ़ाने के लिए भी निगम ने बजट में प्रविधान रखा है। इसके तहत उद्यानों के साथ सिटी फॉरेस्ट का विकास किया जाएगा।
निगम में अब अब सेप की जगह हाना एप से किया जाएगा काम
इस बार के बजट में शहर में नर्मदा चतुर्थ चरण के प्रोजेक्ट के तहत नर्मदा की नई पाइप लाइन बिछाने व पानी की टंकियों के निर्माण के लिए दो हजार करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसके अलावा आठ कॉलोनियों का हस्तांतरण भी होगा।
इसके अलावा शहर में मौजूदा सीवरेज लाइन के बदलाव व नए इलाकों में सीवरेज लाइन डालने के प्रोजेक्ट पर करीब 500 करोड़ रुपये खर्च किए जाएगे। इस बार निगम द्वारा शहर के तालाबों के उन्नयन पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। ऐसे में निगम के बजट में तालाबों के उन्नयन पर 20 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
अब नगर निगम अपने विद्युत पोल से भी कमाई करेगा। किसी भी अन्य केबल डालने पर इसका शुल्क वसूलेगा। निगम ने इस बजट में शहर के चार चौराहों का विकास किया जाएगा। साथ ही निगम शहरवासियों की सेहत का ध्यान भी रखेगा। निगम शहर में 58 हेल्थ और वेलनेस सेंटर खोलने जा रहा है।
निगम ने 40 करोड़ रुपये शिक्षा का बजट रखा है, जो शहर के स्कूलों की मूलभूत सुविधाओं व अन्य मदों पर खर्च किया जाएगा। इसी के तहत पगनिसपागा स्कूल का विकास किया जाएगा। हाथीपाला पुल को चौड़ा किया जाएगा। निगम ने अपने भिक्षुक केंद्रों के विकास के लिए भी बजट आवंटित किया है।
जलूद सोलर प्लांट से बचेगी बिजली
शहर में स्ट्रीट लाइट पोल के 7900 लाइट एलईडी लाइट से बदले जाएंगे। नए मास्टर प्लान के तहत शामिल किए गए 21 गांवों में भी रोशनी की जाएगी। वहां स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएगी। 60 मेगावाट का सोलर प्लांट जलूद में बनाया जाएगा। इससे 300 करोड़ रुपये साल की बिजली बचेगी। यह सोलर प्लांट 61 हेक्टेयर में लगेगा।
130 करोड़ खर्च कर नई सड़कों का होगा विकास
नगर निगम के बजट में प्रतिवर्ष रोड निर्माण के लिए विशेष तौर पर प्रविधान किया जाता है। पिछले वर्ष रोड निमार्ण के बजट में इस बार 10 फीसद तक बढ़ोतरी की गई है। इस वर्ष 130 करोड़ रुपये नई सड़कों के विकास पर खर्च होंगे। इसमें रीजनल पार्क से बायपास तक (एमआर-3), इंदौर वायर से सुपर कारिडोर होते हुए बड़ा बांगड़दा तक (एमआर-5),बाणगंगा रेलवे क्रांसिंग से आइएसबीटी एमआर-10 तक (आरडब्ल्यू-1) व कनाड़िया से खजराना मंदिर तक बनाई जाने वाली सड़क निर्माण शामिल है। इसके अलावा निगम द्वारा तेजाजी नगर से भंवरकुंआ व बिचौली हप्सी से नायता मूंडला (आरई-2) तक निर्माणाधीन सड़कों के लिए भी 100 करोड़ रुपये का प्रविधान है।
शहर की स्वच्छता पर 350 करोड़ रुपये होंगे खर्च
नगर निगम के बजट में सफाई कार्यो के लिए भी विशेष प्रविधान रहता है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत शहर में कार्यरत 9 हजार कर्मचारियों के वेतन पर हर वर्ष 250 करोड़ रुपये खर्च होते हैं। इसके अलावा एनजीओ, जन जागरुकता सहित अन्य गतिविधि व कार्यो पर करीब 60 करोड़ रुपये खर्च किए जाते है। इस बार बजट में स्वच्छ भारत मिशन के निर्धारित कार्यो की राशिम में 10 फीसद की बढ़ोतरी की गई। ट्रेचिंग ग्राउंड में 200 टन क्षमता का कंस्ट्रक्शन एंड डिमोलेशन के प्लांट के निर्माण की योजना है। ऐसे में बजट में इसके निर्माण के लिए 10 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रविधान है।
