बीना
रिफाइनरी में बीपीसीएल द्वारा पेट्रोकेमिकल हब बनाने की तैयारी जोरों चल रही है और इसके लिए उद्योग विभाग भोपाल के इंजीनियर द्वारा रिफाइनरी के आसपास की जमीन देखी गई है। क्योंकि रिफाइनरी परिसर में खाली पड़ी जगह के अलावा करीब 300 एकड़ जमीन अधिग्रहित की जानी है। रिफाइनरी बनने के बाद अंदर खाली जगह पड़ी है, लेकिन पेट्रोकेमिल हब के लिए 300 एकड़ जमीन की मांग की जा रही है। इसके लिए आसपास लगी किसानों की जमीन को अधिग्रहित किया जाएगा। जमीन लेने के लिए उद्योग विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है और जमीन का सर्वे भी किया है। राजस्व विभाग की टीम के साथ उद्योग विभाग के इंजीनियर द्वारा आगासौद, भांकरई, पुरैना और दोनमणि गांव की कृषि जमीन देखी गई है। जिसमें दो जगह की जमीन को अभी चिंहित किया है, जिसमें भांकरई-दोनमणि और आगासौद-दोनमणि की जमीन शामिल है। इसके लिए राजस्व विभाग से खसरा नंबर और किसानों की सूची मांगी गई है, जिससे आगे की प्रक्रिया शुरू हो सके। गौरतलब है कि 35 हजार करोड़ से पेट्रोकेमिकल हब का निर्माण होना है और इसके बाद फिर सहायक उद्योग भी लगाए जाएंगे, जिससे जमीन की जरूरत पड़ेगी। इससे हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा। दोनमणि गांव की अधिकांश जगह रिफाइनरी में ली गई थी और अब करीब 100 एकड़ जमीन शेष रह गई है, वह पेट्रोकेमिकल हब में अधिग्रहित हो सकती है।
