ग्वालियर
घाटीगांव ब्लाक में पदस्थ सहायक शिक्षक प्रशांत सिंह परमार के सत्यम रेजीडेंसी के लग्जरी फ्लैट व सत्यम कार्पोरेट में अलीशान आफिस, कालेज सहित चार स्थानों पर ईओडब्ल्यू ने आय से अधिक संपति के मामले में छापा मारा। शुरुआती जांच में टीम को पता चला कि अलग-अलग नामों से सरकारी स्कूल का मास्टर प्रशांत सिंह अंचल में 21 बीटी कालेज, तीन नर्सिंग कालेज व तीन बीएड कालेज परिवार के सदस्याें के नामों से संचालित कर रहा था। यह कालेज परमार एजुकेशन ट्रस्ट के माध्यम से संचालित है। ट्रस्ट का चेयरमेन प्रशांत स्वयं हैं और डायरेक्टर पत्नी शशि सिंह परमार है। छापे के दौरान फ्लैट में आरोपित तो नहीं मिला है। वहीं पत्नी व बेटे प्रखर की मौजूदगी में टीमें पड़ताल कर रही है। इस कार्रवाई का नेतृत्व कर रहे डीएसपी (ईओडब्ल्यू) सतीश चतुर्वेदी ने बताया कि आरोपित की चल-अचल संपति का आकलन किया जा रहा है। यह तय है कि आय से एक हजार गुना से अधिक संपति है। चार घंटे की पड़ताल में 10 करोड़ से अधिक की संपत्ति का टीम को पता चला है। आरोपित को निजी कालेज का मास्टर माइंड माना जाता है।
ईओडब्ल्यू को कुछ दिन पहले सहायक शिक्षक प्रशांत सिंह परमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति होने की शिकायत ईओडब्ल्यू को मिली थी। शिकायतकर्ता ने शिकायत के साथ आरोपित की चल-अचल संपत्ति की जानकारी भी दी थी। एसपी ईओडब्ल्यू बिट्टू सिंह ने मुख्यालय से स्वीकृति लेकर जांच कराई। प्रारंभिक जांच में इस बात की पुष्टि हुई कि सहायक शिक्षक पर आय से अधिक संपत्ति है और कई कालेज संचालित है। ईओडब्ल्यू ने प्रशांत सिंह परमार के आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज करने के बाद न्यायालय से सर्च वारंट लिया।
