बैतूल
ट्रेन क्रमांक 12792 दानापुर-सिकंदराबाद एक्सप्रेस के जनरल कोच में सफर कर रही एक महिला ने चलती ट्रेन में ही बच्चे को जन्म दे दिया। महिला को प्रसव पीड़ा होते ही ट्रेन में मौजूद अन्य महिलाएं मदद के लिए आगे आईं और महिला की डिलेवरी कराई। चलती ट्रेन में बच्चे के जन्म की जानकारी लगते ही अगले स्टेशन पर डॉक्टरों की टीम ने जच्चा-बच्चा का चैकअप किया और उनके स्वस्थ्य होने पर उन्हें आगे की यात्रा पर रवाना कर दिया।
चलती ट्रेन में गूंजी किलकारी
चलती ट्रेन में किलकारी गूंजने का मामला इटारसी व बैतूल रेलवे स्टेशन के बीच का है। जानकारी के मुताबिक अनुमा देवले नाम की गर्भवती महिला शुक्रवार को दानापुर-सिंकदराबाद एक्सप्रेस ट्रेन के जनरल कोच में सफर कर रही थीं। जैसे ही ट्रेन इटारसी स्टेशन से निकली तो अनुमा को प्रसव पीड़ा हुई। जिसके बाद कोच में सवार अन्य महिलाओं ने चलती ट्रेन में ही अनुमा की डिलेवरी कराई और अनुमा ने एक बच्चे को जन्म दिया। ट्रेन में डिलेवरी की खबर लगते ही ट्रेन के टिकट कलेक्टर जे.के शाह ने बैतूल के डिप्टी स्टेशन मास्टर अनिल पवार को सूचित किया।
सूचना मिलते बैतूल के डिप्टी स्टेशन मास्टर अनिल पवार ने तुरंत चौहान मल्टीस्पेशलीटी हॉस्पिटल के डॉ. महेन्द्र सिंह चौहान एवं डॉ. अरुणा चौहान से संपर्क किया। दोनों तुरंत रेलवे स्टेशन पहुंचे जहां ट्रेन के पहुंचने पर जच्चा-बच्चा के स्वास्थ्य की जांच की गई। जांच में दोनों के स्वस्थ्य पाए जाने के बाद उन्हें आगे की यात्रा पर रवाना कर दिया गया। जच्चा-बच्चा की जांच के कारण ट्रेन को निर्धारित समय से ज्यादा देरी तक स्टेशन पर खड़ा करना पड़ा।
