ग्वालियर
किसी हादसे या गंभीर बीमारियों में मरीज की जान बचाने के लिए जो सबसे जरूरी चीज होती है वो है रक्त। मध्यप्रदेश की बात की जाए तो ऐसे हालातों से निपटने की हमारी स्थिति ठीक नहीं है। राज्य में महज 175 ब्लड बैंक संचालित हो रहे हैं, जिसमें से 71 सरकारी तो 104 प्राइवेट हैं। स्थिति की गंभीरता इसी से समझ सकते हैं कि ब्लड बैंकों की संख्या के मामले में मप्र का देशभर में 10वां स्थान है। सबसे अधिक 424 ब्लड बैंक उत्तर प्रदेश में संचालित हो रहे हैं।
हाल ही में संपन्न लोकसभा के बजट सत्र में पूछे गए सवाल के जवाब में परिवार एवं स्वास्थ्य कल्याण मंत्रालय ने देशभर में ब्लड बैंकों की संख्या की जानकारी साझा की थी। बताया गया कि रक्तदान के लिए लोगों को प्रेरित करने के लिए जागरूकता कार्यक्रम के साथ रक्तदान शिविरों का आयोजन किया जाता है। साथ ही केंद्रीय कर्मचारियों को रक्तदान करने पर साल में चार अवकाश देने का भी प्रावधान किया गया है। देशभर में कुल 3807 ब्लड बैंक संचालित हो रहे हैं।
अवैध बिक्री रोकने के लिए शुरू की मॉनिटरिंग
केंद्र सरकार ने बताया कि देशभर में ब्लड की अवैध बिक्री रोकने के लिए ई रक्त कोष मॉनिटरिंग व्यवस्था शुरू की गई है। इस एकीकृत ब्लड बैंक प्रबंधन सूचना प्रणाली से सभी ब्लड बैंकों को जोड़ा गया है। यहां ब्लड की उपलब्धता की जानकारी साझा की जाती है।
प्रदेश में 4.15 लाख लोगों पर एक ब्लड बैंक
2011 की जनगणना के मुताबिक 33,406,061 जनसंख्या वाले केरल में 1.66 लाख की आबादी पर एक ब्लड बैंक हैं, वहीं 72,147,030 वाले तमिलनाडु की बात करें तो यहां 2.17 लाख पर एक ब्लड बैंक है। जबकि 112,374,333 वाले महाराष्ट्र और 61,095,297 वाले कर्नाटक में भी क्रमश : 3.04 लाख पर और 2.24 लाख पर एक-एक ब्लड बैंक हैं। वहीं 72,626,809 की जनसंख्या वाले मध्यप्रदेश में यह आंकड़ा 4.15 लाख का है।
