राजनांदगाँव-कोविड19 की उत्पन्न समस्या के बीच ग्रामीण क्षेत्र में नये रोज़गार के अवसर तैयार करना एक चुनौती पूर्ण कार्य हैं लेकिन यदि ग्राम पंचायते दृढ़ इच्छा शक्ती रखकर अपने पास उपलब्ध संसाधनों से ही नए नए विकल्प तैयार कर सकती है जो ग़रीबी में आय बढ़ाने के साथ साथ रोज़गार श्रृजन भी करेगा तथा उनकी मेहनत से उत्पादित सामान का स्थानीय स्तर पर बाज़ार भी तैयार होगा यह प्रधानमंत्री मोदी जी के लोकल वोकल और ग्लोबल की यात्रा की शुरुआत होगी।प्रदेश स्तर पर राज्य पर राज्य सरकार भी इस दिशा में सकारात्मक क़दम उठा रही हैं।हमें हर स्तर पर समूह के माध्यम से जैविक खाद निर्माण के लिए वर्मीबेड के माध्यम से कृषि वैज्ञानिक उन्नतशील कृषक सौरभ जंघेल के 50 वर्मी बेड के माध्यम से 10 रन जैविक खाद निर्माण तथा हज़ारों लीटर वर्मीवास का निर्माण एक जीवंत उदाहरण है उन्हें गोबर की उपयोगिता बढ़ाई तथा मूल्यवर्धन कर अपना आय बढ़ाया तथा रासायनिक खाद जो की एक जहर है उसका विकल्प तैयार कर किसानों को उपलब्ध करा रहे हैं ऐसे प्रयोग और माडल प्रत्येक पंचायत के बने और स्थानीय स्तर पर बिक्री के लिए तैयार रहती बहुत बड़ा रोज़गार तथा आत्मनिर्भर पंचायत व जिला की दिशा में हमारा क़दम आगे बढ़ेगा।उक्त विचार रोज़गार श्रृजन के उद्देश्य से चलो गाँव की ओर अभियान के प्रमुख दी पृथ्वी फ़ाउंडेशन के अध्यक्ष पूर्व सांसद प्रदीप गांधी ने ग्राम जंगलपुर छुईखदान के जैविक खाद उत्पादन यूनिट के अवलोकन अवसर पर कृषक सौरभ जंघेल के प्रयासों का अभिनंदन किया।
अपने उद्देश्य उन्नत भारत अभियान से जुड़कर अपने खेत को प्रशिक्षण के अनुरूप बनाकर कृषकों को प्रशिक्षण देकर प्रेरित करने का आह्वान किया।
