राजनांदगांव – कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा ने नीति आयोग द्वारा आकांक्षी जिला कार्यक्रम के तहत तय किए गए विभिन्न सूचकों (इंडिकेटर) के अनुरूप जिले में और अधिक तेजी से कार्य करने की जरूरत पर जोर दिया। वर्मा ने आज अधिकारियों की बैठक लेकर आकांक्षी जिला कार्यक्रम के सूचकों पर आधारित कार्यों की प्रारंभिक रूप से समीक्षा की। कलेक्टर ने कहा कि नीति आयोग द्वारा तय सूचकों के आधार पर किए गए कार्यों की हर महीने पूरी जानकारी दी जानी चाहिए। इसकी डेस्क बोर्ड पर एन्ट्री की जाती है। इससे जिले की उपलब्धि की जानकारी मिलती है।
कलेक्टर ने कहा कि आकांक्षी जिला कार्यक्रम के अंतर्गत 60 प्रतिशत कार्य शिक्षा, स्वास्थ्य और सुपोषण पर किया जाता है। इन कार्यों में प्रगति विकासखंडवार दी जाती है। वर्मा ने कहा कि जिस प्रकार राष्ट्रीय स्तर पर आकांक्षी जिलों का चयन किया जाता है। उसी आधार पर जिलों में अधिक पिछड़े और दूरस्थ विकासखंडों का चयन कर कार्य करना बेहतर होगा। ऐसे विकासखंडों में सुविधाओं के विकास के कार्य करने से आम लोगों को सहुलियत मिलेगी। वर्मा ने कहा कि सुपोषण के कार्य शहरी क्षेत्रों में भी प्राथमिकता से किया जाना चाहिए। उन्होंने जिले में आकांक्षी जिला कार्यक्रम के तहत नये सिरे से और अधिक व्यवस्थित ढंग से कार्य करने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। आकांक्षी जिला फेलो सुश्री योति सिंह ने आकांक्षी जिला कार्यक्रम, प्राथमिकताएं और सूचकों (इंडिकेटर) के बारे में कम्प्यूटर आधारित प्रस्तुतिकरण के जरिए विस्तार से बताया। उन्होंने बताया कि आकांक्षी जिला प्रोग्राम में स्वास्थ्य, शिक्षा, सुपोषण, कृषि, जल संसाधन, विŸाीय समावेशन, स्किल डेव्हलपमेंट, अधोसंरचना विकास को शामिल किया गया। जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती तनुजा सलाम, अपर कलेक्टर हरिकृष्ण शर्मा, एसडीएम राजनांदगांव मुकेश रावटे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।
