रायपुर. शहर के नागरिकों को जल संकट से बचाने और नए पुराने मकानों में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगवाने की याद नगर निगम को गर्मी बीतने के बाद आ रही है. छत्तीसगढ़ में 1 सप्ताह के भीतर मानसून पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है लेकिन रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को लेकर नगर निगम द्वारा अभी चेतावनी जारी की गई है. महापौर एजाज ढेबर ने नगर निगम रायपुर मुख्यालय में निगम नगर निवेशक बीआर अग्रवाल, सभी जोन कमिश्नरों और पंजीकृत हाईड्रोलॉजिस्ट विशेषज्ञों की मौजूदगी में एक अहम बैठक ही. बैठक में सभी वार्डों में बारिश के पानी को बचाने और जलसंकट दूर करके भूजल को नैचुरल तरीके से सुरक्षित रखने का कार्य करने के निर्देश दिए हैं. पर्यावरण संरक्षण को लेकर भी बैठक में चर्चा हुई.रायपुर मेयर ने पूरे निगम क्षेत्र के सभी वार्डों में नए पुराने मकानों में नगर निगम द्वारा पंजीकृत हाईड्रोलॉजिस्ट के माध्यम से बारिश के पानी को बचाने घरों मेें रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्रणाली लगवाने महाभियान पहली प्राथमिकता बनाकर तत्काल शुरू करने को कहा गया है. साथ ही रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम नहीं लगाने पर नियमानुसार जुर्माने का प्रावधान भी निगम ने कर दिया है.निगम के निर्देश के मुताबिक ऐसे भवन जो 150 स्क्वायर फीट से बड़े आकार की जमीन पर पहले से निर्मित है उनमें रेन वाटर हार्वेस्टिंग का प्रावधान नहीं किया गया है ऐसे जमीन पर 100 स्क्वायर फीट पर 1000 रुपए के मान से वार्षिक जुर्माना किए जाने की बात कही गई है. इस प्रकार का जुर्माना तब तक लगाया जाएगा, जब तक कि भवन मालिक निर्धारित मापदण्ड के अनुसार रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्रणाली स्थापित कर इसकी लिखित सूचना नगर पालिक निगम को नहीं दे देता. साथ ही किसी भी परिस्थिति में जुर्माने की राशि वापस नहीं की जाएगी.आपको बता दें कि हर साल राजधानी में जनता को पानी की समस्या से जूझना पड़ता है और गर्मियों में नगर निगम अभियान चलाकर रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की मॉनिटरिंग भी करता है. लेकिन गर्मी बीतने के बाद पूरा अभियान ठंडे बस्ते में चला जाता है. इस साल भीषण गर्मी के समय में भी निगम में अधिकारियों ने इस पर ध्यान नहीं दिया, जबकि छत्तीसगढ़ में मानसून पहुंचने में कुछ ही दिन बाकी है तब महज खानापूर्ति के लिए इस तरह की चेतावनी जारी की गई है.
