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छत्तीसगढ़ की संस्कृति में फाग का बड़ा महत्व

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राजनांदगांव। शहर से लगे ग्राम तुमड़ीबोड़ में फाग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का उद्घाटन किसान कांग्रेस के जिला अध्यक्ष मदन साहू ने किया। इस दौरान मदन साहू ने कहा कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति में फाग पर्व का बड़ा ही महत्व है। इसी दिन किसान अपने गेंहू की नई फसल को नवाखाई के रूप में शुरुआत करते हैं और देवी-देवताओं में भी चढ़ाते हैं। रंग उत्सव की पहली रात होलिका दहन कर बुराई को अपने जीवन और समाज से दूर भगाने के लिए संकल्पित होते हैं। नगाड़ा की ताल से फाग गीत के साथ देवी-देवताओं की भक्ति होती है।

यह हमारे पूर्वजों की धरोहर है। वर्तमान में प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल छत्तीसगढ़ के सभी त्योहारों को बढ़ावा देते हुए संस्कृति को जीवित रखने का प्रयास कर रहे हैं, जो बहुत ही सराहनीय है। जिला किसान कांग्रेस के अध्यक्ष मदन ने घड़ा पकाने वाले एक कुम्हार की भक्ति को याद दिलाते हुए कहा कि भक्त प्रहलाद मटका बनाकर पकाने वाले उस कुम्हार की भक्ति को देखकर पूछा कि आप मटका पकाते हुए किसकी भक्ति कर रहे हैं। तब उन्होंने कहा कि बिल्ली का बच्चा मटका में रह गया हैं और हमने भट्टी में आग लगा दी।

मटका पकने के बाद जब सबको हटाकर देखा तो मटके के अंदर बिल्ली का बच्चा सही सलामत मौजूद था। जिससे भक्त प्रहलाद प्रेरित हुए और उसी दिन से नारायण के जाप करने लगे। आज सर्व समाज यही कर रहा है। होलिका दहन और फागुन त्योहार का पर्व जुड़ा हुआ है। यह त्योहार एक प्रेम का प्रतीक है। हम सबको भाईचारा के साथ जोड़ने का त्योहार है।

प्रतियोगिता के उद्घाटन के दौरान जिला पंचायत सदस्य व प्रदेश किसान कांग्रेस के महामंत्री महेंद्र यादव, जनपद सदस्य भुनेश्वरी साहू, सरपंच टीकम पटेल, मनोज सोनवानी, केस लाल साहू, भोजराम विश्वकर्मा, उर्वशन साहू सहित आयोजन समिति शिव भक्ति युवा संगठन के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष सहित पदाधिकारी उपस्थित थे।

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