० लोगों को दी गई तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम की व्यापक जानकारी
० गांवों को तंबाकूमुक्त करने पर जोर
राजनांदगांव। तंबाकू व सिगरेट जैसी विभिन्न नशीले पदार्थों का सेवन त्यागने हेतु लोगों को जागरुक करने के लिए जिला स्वास्थ्य विभाग और पुलिस विभाग के द्वारा गुरुवार को एक दिवसीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला आयोजित की गई। राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत आयोजित कार्यशाला में नशामुक्ति के क्षेत्र में कार्य कर रही शासकीय एवं गैर शासकीय संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इस अवसर पर संस्थाओं के प्रतिनिधियों को तंबाकू तथा तंबाकू युक्त अन्य उत्पादों से होने वाले स्वास्थ्यगत नुकसान तथा तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम की व्यापक जानकारी दी गई। कोटपा एक्ट के बारे में भी बताया गया।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए राजनांदगांव पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह ने तंबाकू से होने वाले दुष्प्रभाव व कोटपा अधिनियम 2003 के अंतर्गत आने वाली धाराओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी तथा राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम एवं कोटपा अधिनियम 2003 की धाराओं के बेहतर क्रियान्वयन की अपील की। उन्होंने कहा, तंबाकू का सेवन शारीरिक स्वास्थ्य ही नहीं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी बहुत बड़ा खतरा है। तंबाकू का सेवन करने से कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है, इसीलिए तंबाकू का सेवन नहीं करना चाहिए। यदि कोई कर रहा है तो उसे तत्काल तंबाकू का सेवन बंद कर देना चाहिए, ताकि बीमारी से भी बचा जा सके।
पुलिस अधीक्षक ने यह भी कहा कि कोटपा अधिनियम शिक्षण संस्थानों एवं सरकारी कार्यालयों में सख्ती से लागू हो, इसके लिए जिला प्रशासन के सहयोग से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही कुछ ग्रामों का चयन कर तंबाकू मुक्त ग्राम बनाने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में विद्यालय के 100 गज के दायरे में तंबाकू उत्पादों के बिक्री केंद्रों को हटाया जाएगा तथा जो लोग इस तरह का नशा कर रहे हैं, उनको इससे दूर करने का प्रयास किया जाएगा। युवा पीढ़ी को नशे की लत लगने से बचाना हम सबकी जिम्मेदारी है। इस दिशा में हर वर्ग को जागरुकता के साथ सहभागिता दर्ज कराना चाहिए।
कार्यशाला में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डा. मिथिलेश चौधरी ने कहा : तंबाकू के सेवन के खिलाफ नई पीढ़ी को जागरूक करने का उद्देश्य लेकर यह कार्यशाला आयोजित की गई है। साथ ही तंबाकू और तंबाकू से बने उत्पाद से समाज को होने वाले नुकसान से बचाने तथा नई पीढ़ी को नशारहित वातावरण देने के लिए जिले में विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। आगामी 31 मई को भी धूम्रपान निषेध दिवस के अवसर पर जिले में सामूहिक रूप से जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में सुझाव के रूप में संस्थाओं द्वारा अधिनियम व तंबाकू के दुष्प्रभाव के बारे में व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु यथासंभव सहयोग देने की सहमति जताई गई। कार्यक्रम में गैरसंचारी रोग प्रकोष्ठ के जिला सलाहकार विकास राठौर व जिला फाइनेंस अधिकारी थामेश वर्मा सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी शामिल हुए।
