राजनांदगांव । छत्तीसगढ़ नगरीय निकाय पेंशनर्स संघ के प्रांताध्यक्ष डॉ. डी.सी. जैन द्वारा मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल द्वारा शासन के बजट में राज्य के सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ देने सम्बंधी प्रावधान करने की घोषणा का स्वागत करते हुए इसे मुख्यमंत्रीजी द्वारा कर्मचारियों को होली पर्व के पूर्व दिया गया अमूल्य उपहार निरूपित किया है। प्रेस को जारी विज्ञप्ति में श्री जैन ने कहा है कि केन्द्र शासन के कर्मचारियों के समान ही मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ राज्य के सेवानिवृत्त शासकीय एवं नगरीय निकाय कर्मचारियों को पेंशन प्राप्त हो रहा है।
परन्तु २००४ में छत्तीसगढ़ शासन ने यह निर्णय लिया कि ०१.११.२००४ के पश्चात सेवा में नियुक्त कर्मचारियों को पेंशन की पात्रता नही होगी तथा उनके लिए अंशदायी भविष्य निधि योजना लागू की गई जिसके अनुसार कर्मचारियों के वेतन से १०% अंशदान तथा उसके समतुल्य शासन को अंशदान निर्धारित किया गया। शासन के इस नये नियम के अनुसार ०१.११.२००४ के बाद नियुक्त शासकीय एवं अर्धशासकीय कर्मचारियों और उनके परिवार का भविष्य अंधकारमय दिखाई दे रहा था। शासन की इस नई पेंशन योजना का विगत 18 वर्षो से शासकीय एवं नगरीय निकाय कर्मचारियों द्वारा विरोध किया जाता रहा है तथा इस संबंध में मुख्यमंत्रीजी एवं वित्त मंत्रीजी से भेंट कर मांग पत्र दिये जाते रहे । यह प्रसन्नता की बात है कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल जी ने कर्मचारियों की इस बहु प्रतीक्षित एवं न्याय संगत मांग को स्वीकृत करते हुए शासन के वर्ष २०२२-२३ के बजट में इसका प्रावधान किया तथा अपने बजट भाषण में पुरानी पेंशन योजना लागू करने की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री की इस घोषणा का राज्य शासन के ही नही अपितु नगरीय निकायों के कर्मचारियों एवं पेंशनरों द्वारा स्वागत करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया है।
