रायपुर। छत्तीसगढ़ में एनीमिया के मरीजों की संख्या में भले ही इजाफा हो रहा हो, लेकिन स्वास्थ्य विभाग इसे रोकने के लिए गंभीर नहीं है। छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कार्पोरेशन (सीजीएमएससी) ने एनीमिया की जांच के लिए खरीदी जाने वाली किट (हीमोग्लोबीन मीटर) का एक बार फिर टेंडर निरस्त कर दिया है। पिछले तीन साल में सीजीएमएससी ने किट की खरीदी नहीं की है।अब सीजीएमएससी के डायरेक्टर और विधायक डा विनय जायसवाल ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव और स्वास्थ्य सचिव को पत्र लिखकर चिंता जताई है। डा. जायसवाल ने कहा कि किट की खरीदी के लिए टेंडर की प्रक्रिया को बार-बार लटकाया जा रहा है। तीन बार टेंडर निरस्त होने के कारण प्रदेश के अस्पतालों में किट की सप्लाई नहीं हो पा रही है।
- – एनीमिया के मरीजों की प्रदेश में बढ़ रही संख्या
- – फैमिली हेल्थ सर्वे में वर्ष 2019-21 में 67 फीसद मरीज मिले
सीजीएमएससी के एमडी कार्तिकेय गोयल को लिखे पत्र में डा. जायसवाल ने सवाल किया कि टेंडर की प्रक्रिया पूरी नहीं होने से आम जनता को क्षति पहुंच रही है, इसके लिए जिम्मेदार कौन है। दरसअल, चौथे फैमिली हेल्थ सर्वे में जहां प्रदेश में छह से 59 माह के बच्चों में केवल 41.6 प्रतिशत एनीमिया था। वहीं 2019-21 के बीच हुए सर्वे में यह बढ़कर 67 प्रतिशत पर आ गया है।
पांच साल में एनीमिया में 26 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। यह हाल तब है जब प्रदेश में महिलाओं और बच्चों में एनीमिया को दूर करने के लिए स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग और खाद्य विभाग की ओर से पिछले पांच साल में चार हजार 409 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।सीजीएमएससी के एमडी कार्तिकेय गोयल ने दावा किया है कि अगले दो महीने में हीमोग्लोबीन मीटर की खरीदी की प्रक्रिया को पूरा कर लिया जाएगा। इस दावे पर डा विनय जायसवाल ने सवाल किया कि तीन वर्ष में टेंडर की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई, तो दो महीने में कैसे पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने पूछा कि कितने बार टेंडर जारी किया गया और टेंडर को बार-बार निरस्त करने का कारण क्या है।
संचालक स्वास्थ्य सेवाएं से तीन दिन में मांगी जानकारी
सीजीएमएससी के डायरेक्टर डा विनय जायसवाल ने संचालक स्वास्थ्य सेवाएं को पत्र लिखकर पूरे मामले की तीन दिन में जानकारी मांगी है। दस मार्च को लिखे पत्र में डा जायसवाल ने टेंडर के मूल दस्तावेज की मांग की है। साथ ही टेंडर पूरा नहीं होने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जानकारी मांगी है।
एनीमिया रोकने इन योजनाओं पर हो रहा खर्च
योजना – बजट (करोड़ में)पोषण कार्यक्रम- 3725महतारी जतन -121.1किशोरी बालिका- 31.5एकीकृत बाल विकास- 199.6नोनी जतन- 125.75पूरक पोषण – 142परिवार स्वास्थ्य कार्यक्रम- 65
