राजनांदगांव । आजादी का अमृत महोत्सव के तहत वैज्ञानिक विधि से बकरी पालन का प्रदर्शन एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में पशुपालकों व किसानों के लिए बकरी पालन के तहत सिरोही नस्ल की उन्नात विधियों पर प्रशिक्षण देकर उसका प्रदर्शन किया गया। आदिवासी अंचल अंबागढ़ चौकी में कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा संचालित केंद्र प्रवर्तित योजना डीबीटी बायोटेक किसान हब की स्थापना की गयी है।
यह परियोजना भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद राष्ट्रीय जैविक स्ट्रैस प्रबंधन संस्थान बरौंडा रायपुर के निदेशक डा. पीके घोष, प्रमुख अन्वेषक डा. पी. मुवेंथन पलानीसामी के मार्गदर्शन एवं कृषि विज्ञान केंद्र राजनांदगांव के डा. बीएस राजपूत, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख व परियोजना प्रभारी गुंजन झा विषय वस्तु विशेषज्ञ उद्यानिकी द्वारा संचालित किया जा रहा है।डीबीटी बायोटेक किसान हब परियोजना के अंर्तगत कृषि विज्ञान केंद्र राजनांदगांव द्वारा आजादी का अमृत महोत्सव के तहत वैज्ञानिक विधि से बकरी पालन का प्रदर्शन एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।
उन्नाति की ओर बढ़ सकते हैं बताया गया कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य परंपरागत खेती के साथ सहायक व्यवसाय से जुड़कर ग्रामीण परिवार आर्थिक उन्नाति की ओर बढ़ सकते हैं, इस उद्देश्य रखते हुए महिलाओं के लिए कृषि विज्ञान केन्द्र की ओर से विशेष कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। कृषि वैज्ञानिकों के सहयोग से ग्रामीण अंचलों में महिलाओं को बकरी पालन की उन्नात विधियों पर मार्गदर्शन प्रदान किया जा रहा, ताकि वे भी स्वयं सक्षम बनकर परिवार के लिए आर्थिक आत्मनिर्भरता हो सकें।
प्रदर्शनी लगाकर प्रशिक्षण दिया कृषि विज्ञान केंद्र राजनांदगांव में संचालित डीबीटी बायोटेक किसान हब परियोजना अंतर्गत चयनित अंबागढ़ चौकी विकासखंड के ग्राम सोनसायटोला में वैज्ञानिक पद्धति से बकरी पालन करने प्रदर्शनी लगाकर प्रशिक्षण दिया गया। गांव के कृषकों को वैज्ञानिक पद्धति से बकरी पालन करने के लिए प्रदर्शनी लगाकर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। विभिन्ना गांवों को सूचीबद्ध कर यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 20 मार्च तक सतत जारी रहेगा। कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डा. बीएस राजपूत, परियोजना प्रभारी गुंजन झा, वैज्ञानिक उद्यानिकी, प्रवीण बनवासी, तोरण निषाद, यंग प्रोफेशन, पशुपालन विभाग एवं कृषि विभाग अधिकारी के साथ ही बड़ी संख्या में महिलाओं एवं कृषकों में भाग लेकर लाभ प्राप्त किया।
