राजनांदगांव। ग्रामीण हस्तशिल्प एवं अभियांत्रिकी विभाग के अंतर्गत महात्मा गांधी ग्रामीण औद्योगिकरण संस्थान वर्धा महाराष्ट्र एवं जन कल्याण सामाजिक संस्थान राजनांदगांव के संयुक्त तत्वावधान में विकसित तकनीकों पर आधारित उद्यमिता विकास की संभावनाएं विषय पर एक दिवसीय जागरूकता कार्यशाला का आयोजन गोडवाना भवन रामकृष्ण नगर में आयोजित किया गया। जन कल्याण सामाजिक संस्थान के निदेशक योगेंद्र प्रताप सिंह ने कार्यक्रम की रूपरेखा की विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि इस जागरूकता कार्यशाला का मुख्य उद्येश्य महात्मा गांधी ग्रामीण औद्योगिकरण संस्थान द्वारा उद्यमिता की जो तकनीक विकसित की गई है उसे आम नागरिकों तक जागरूकता के माध्यम से पहुंचाना एवं उन्हें प्रशिक्षित करना है।
कार्यक्रम में मुख्यअतिथि महात्मा गांधी ग्रामीण औद्योगिकरण संस्थान वर्धा के उपनिदेशक डा.के वेंकट राव थे। उन्होंने कहा कि संस्थान की शुरूआत महात्मा गांधी जी द्वारा की गई थी, जिसका मुख्य उद्येश्य छोटे-छोटे कारीगरों के कार्यो को उद्योग का दर्जा प्राप्त हो सके। हमारा संस्थान विभिन्ना विषयों पर विषय विशेषज्ञों एवं वैज्ञानिकों के द्वारा ग्रामीण क्षेत्र को ध्यान में रखकर विभिन्ना नयी तकनीकों की खोज कर कारीगरों को जागरूक करना प्रशिक्षित करना एवं उन्हें रोजगार से जोड़कर उनकी आय में वृद्धि करना है।
लोगों को मालिक बनाना है
नेहरू युवा केन्द्र संगठन के जिला समन्वयक देवेश सिंह ने उपस्थित युवाओं को संबोधित करते हुए आव्हान किया कि आप जहां कार्य कर रहे है वहां तक के लोगों के पास इस जानकारी को पहुंचाना आपकी जिम्मेदारी है। इस कार्यक्रम का उद्येश्य आम लोगों को मालिक बनाना है उनकी आय में वृद्धि करना है इसलिए हमारी जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। समता जन कल्याण समिति के अध्यक्ष शिशुपाल खोब्रागड़े ने कहा कि राजनांदगांव जिले का चयन कर यहां के कारीगरों एवं महिला स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के लिए एक लाभ का विषय रखा है हम सभी की जिम्मेदारी है कि यहां से जो जानकारी प्राप्त होगी।
उसे आम नागरिक तक कैसे पहुंचा सकते है। जिससे हमारे उद्येश्य की पूर्ति हो सके। समाज कल्याण विभाग से एसएस पाण्डे द्वारा इस पर प्रकाश डालते हुए कहां गया कि देश के 75 वें अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में यह जागरूकता कार्यक्रम पूरे देश भर में लोगों को जागरूक करने के लिए किया जा रहा है यह एक सराहनीय प्रयास हैं। इस दौरान वरिष्ठ वैज्ञानिक मिलिंद काननखेडकर, सचिन राउत, शाश्वत झा, राहुल गजभिये, रामखिलावन मारकंडे मौजूद रहे।
