रायपुर। मसीही समाज का 40 दिनी उपवासकाल बुधवार से शुरू हो गया। इसे भस्म बुधवार यानी ऐश वेडनेस-डे कहा जाता है। अब चर्चों में विशेष आराधनाएं होगी। प्रतिदिन शाम के समय मसीही समाज के घर-घर में प्रार्थना की जाएगी। 40 दिवसीय उपवासकाल के दौरान चर्च या समाज में किसी भी तरह के समारोह, विवाह या अन्य कार्यक्रम नहीं होंगे।
विशप ने संयम से जीने का दिया संदेश
सेंट पाल्स कैथेड्रल में छत्तीसगढ़ डायसिस के बिशप अजय उमेश जेम्स ने भस्म बुधवार की आराधना में प्रवचन दिया और पूरे 40 दिनों तक संयम से जीने, सेवा, परोपकार करने, आराधना करने का संदेश दिया। पादरी अजय मार्टिन ने संचालन किया। उन्होंने प्रभु भोज का पवित्र संस्कार भी संपन्न कराया। इसी तरह कैथोलिक चर्च में आर्च बिशप विक्टर हैनरी ठाकुर भी शामिल हुए।
घरेलू आराधना के बनाए गए कार्यक्रम
छत्तीसगढ़ डायसिस के प्रवक्ता जान राजेश पाल ने बताया कि घरेलू आराधनाओं के कार्यक्रम बनाए गए हैं । वक्ता-संचालक तय कर दिए गए हैं। पादरी अजय मार्टिन, डीकन एमआर पतरस,डीकन मार्कुस केजू डीकन अब्राहम दास, के खूटें को जिम्मेदारी दी गई है। संयोजक दीपक गिडियन,डीकन अब्राहम दास, डीकन इस्माइल मसीह, मनीष दयाल, राजेश लिविंग्स्टन, समीर तिमोथी व्यवस्था करेंगे।
राजधानी में सेंट मैथ्यूस चर्च, सीएनआई चर्च जोरा, सीएनआई चर्च नवा रायपुर खड़ंवा, ग्रेस चर्च, सेंट मेरीस चर्च टाटीबंध, भनपुरी कैथोलिक चर्च समेत करीब चार दर्जन चर्चों में भस्म बुधवार पर आराधना की गई। इस अवसर पर चर्च कमेटी, संडे स्कूल, महिला सभा, युवा सभा के पदाधिकारियों समेत गिरजाघरों के प्रमुख शामिल हुए।।
उपवासकाल की प्रमुख तिथि
भस्म बुधवार : 2 मार्च
खजूर रविवार: 10 अप्रैल
दुख भोग सप्ताह: 11 अप्रैल
प्रभु भोज की स्थापना : 14 अप्रैल
गुड फ्राइडे: 15 अप्रैल
प्रार्थना दिवस: 16 अप्रैल
ईस्टर पर्व: 17 अप्रैल
