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रायपुर। रायपुर के रजिस्ट्री आफिस में चर्चा चल रही थी। बाहर से आए एक व्यक्ति ने एक अधिकारी से कहा, ये तो गलत बात है साहब! सरकार ने पहले तो भूमि के रजिस्ट्री शुल्क में 40 प्रतिशत तक की कमी कर दी। अब इसके साथ ही पंजीयन कार्यालयों को मिलने वाले वार्षिक लक्ष्य को भी बढ़ा दिया गया है। अब बताईए, ये पंजीयन अधिकारियों के साथ गलत किया जा रहा है कि नहीं? अधिकारी मुस्कुराए और बोले-इसे गलत नहीं, मैनेजमेंट कहते हैं।
पहले 30 फीसद था छूट
सरकार ने रजिस्ट्री दरों में कमी करके रजिस्ट्री की संख्या बढ़ा दी। कोरोना काल में जहां लोग पैसे बचाकर रखने का काम कर रहे थे। ऐसे लोग भी अब छूट का लाभ उठाने भूमि खरीद रहे हैं। अधिकारी ने स्पष्ट किया, छूट देकर सरकार ने संख्या बढ़वा ली। वे बोले-हमें कोई परेशानी भी नहीं है। सरकार ने रायपुर के लिए लक्ष्य की सीमा 10 करोड़ बढ़ाई है। हमने भी 90 प्रतिशत तक लक्ष्य पा लिया है। अभी मार्च महीने में काम के 22 दिन हैं। लक्ष्य सरलता से पा लेंगे।
छूट से बढ़ी रजिस्ट्री
रजिस्ट्री में 40 प्रतिशत छूट की घोषणा को, एक तीर से दो शिकार जैसी उपमा भी दी जा रही है। इस घोषणा के बाद से ही रजिस्ट्री कराने के लिए लोग उमड़ रहे हैं। चूंकि छूट केवल मार्च महीने तक ही है। ऐसे में इस महीने में सबसे अधिक रजिस्ट्री होने की संभावना है। इस तरह से देखें तो राज्य सरकार ने छूट से पहले पंजीयन कार्यालयों से मिलने वाले राजस्व का वार्षिक लक्ष्य पहले 1650 करोड़ रुपए रखा था। छूट के बाद इस लक्ष्य में 50 करोड़ की वृद्धि कर दी गई। मजे की बात ये है कि रायपुर सहित प्रदेश के सभी पंजीयन कार्यालय इस लक्ष्य को लगभग पूरा करने की स्थिति में पहुंच गए हैं।
ऐसे समझिए लाभ का गणित
इसे ऐसे समझिए। मान लीजिए कि यदि आपको बिना छूट की एक हजार वर्ग फीट की भूमि खरीदनी है। यदि इस भूमि की कलेक्टर गाइडलाइन रेट 500 रुपये वर्ग फीट है तो गाइड लाइन की दर से उसे 5 लाख रुपये की स्टांप ड्यूटी 6.25 प्रतिशत लगेगी। यानी, इसके लिए आपको 31 हजार 250 रुपए के स्टांप खरीदने पड़ेंेंगे। अब 40 प्रतिशत की छूट के बाद इतनी ही भूमि की खरीदी पर 6.25 प्रतिशत के अनुसार, 18 हजार 750 रुपए के स्टांप ही खरीदने होंगे। इस तरह से 12 हजार 500 रुपए की बचत हो जा रही है।
92.06 फीसदी तक पहुंचा वर्षिक टारगेट
रायपुर पंजीयन विभाग अपने वार्षिक लक्ष्य को 92.06 प्रतिशत प्राप्त कर चुका है। बीते साल की तुलना में इस वर्ष विभाग 47.75 फीसदी आगे चल रहा है। सरकार ने रायपुर को 5 अरब 75 करोड़ का टारगेट दिया था। इसके विरुद्ध विभाग ने अभी तक 5 अरब 20 करोड़ की आय प्राप्त कर लिया है।
पंजीयन कार्यालयों को दिया गया लक्ष्य
जिला राशि लाख रुपये में
– रायपुर- 575.00
– बिलासपुर- 207.60
– दुर्ग- 245.20
– राजनांदगांव- 72.20
– जांजगीर-चांपा- 90.90
– रायगढ़ – 61.00
– सरगुजा- 43.60
– बस्तर- 24.90
– कोरबा- 35.40
– धमतरी- 36.40
– बलौदाबाजार- 67.40
– मुंगेली- 28.20
– बेमेतरा- 48.20
– बालोद- 42.00
– गरियाबंद- 12.00
– महासमुंद- 37.20
– कवर्धा- 32.10
– जशपुर- 99.0
– कोरिया- 11.70
– कांकेर- 13.60
– दंतेवाड़ा- 5.50
राजस्व का बढ़ा लक्ष्य
प्रदेश में रजिस्ट्री में छूट देने के बाद शासन ने राजस्व का लक्ष्य बढ़ा दिया है। रायपुर पंजीयन कार्यालय ने 92 फीसद लक्ष्य प्राप्त कर लिया है।
