यूक्रेन में रूस के हमलों का आज (शनिवार) तीसरा दिन है। यूक्रेन से भारतीयों की वापसी शुरू हो गई है। अब से कुछ देर पहले विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर ने कहा है कि यूक्रेन से निकाले गए 219 भारतीयों के साथ पहली उड़ान रोमानिया से मुंबई के लिए रवाना हुई। विदेश मंत्री ने बताया कि हम प्रगति कर रहे हैं। हमारी टीमें 24 घंटे ज़मीन पर काम कर रही हैं। मैं व्यक्तिगत रूप से निगरानी कर रहा हूं। वहीं दूसरी ओर विदेश राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी ने कहा कि 4000 से ज्यादा लोग वापस आ गए हैं, लेकिन कुछ लोग अभी भी वहां फंसे हुए हैं। भारत अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। हम लोगों को वहां से निकालने के लिए प्रयास कर रहे हैं। यूक्रेन का एयरस्पेस बंद है इसलिए हम भूमि मार्गों का उपयोग कर रहे।
छात्रों को लाने का खर्च सरकार उठाएगी
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि यूक्रेन में फंसे लोगों को भारत सरकार अपने खर्च पर लाएगी। वहां से कई लोग आ भी चुके थे। हमारे विदेश मंत्री एस जयशंकर ने यूक्रेन के विदेश मंत्री से बातचीत की है। उन्हें यहां सुरक्षित लाने की व्यवस्था चल रही है। हम चाहते हैं कि हालात सामान्य हो।
यह पुतिन का युद्ध है
भारत में जर्मन राजदूत वाल्टर जे लिंडनर ने कहा कि यह पुतिन का युद्ध है। यह शर्म की बात है ऐसा हो रहा है। हम आर्थिक प्रतिबंधों के साथ प्रतिक्रिया देंगे। उन्होंने कहा कि दूसरे देश पर कब्जे की अनुमति नहीं दे सकते। हम ऐसा अंतरराष्ट्रीय समुदाय चाहते हैं जो अंतरराष्ट्रीय कानूनों पर आधारित हो।
उत्तराखंड के 188 लोग यूक्रेन में फंसे
उत्तराखंड के डीजीपी अशोक कुमार ने कहा कि प्रदेश के 188 लोगों के यूक्रेन में फंसे होने की सूचना मिली है। विदेश मंत्रालय उन्हें बाहर निकालने के लिए जरूरी इंतजाम कर रहे हैं। राज्य का हेल्पलाइन नंबर 112 है। वहीं महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री अजीत पवार ने कहा कि करीब 1200-2000 लोग यूक्रेन में फंसे हैं। हम सभी को सुरक्षित वापस लाने के लिए केंद्र के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।
