रायपुर। महाशिवरात्रि के अवसर पर राजधानी के महादेवघाट में महादेव के भक्तों का हुजूम उमड़ पड़ा। जगह-जगह के शिव मंदिरों में भगवान शिव का जलाभिषेक किया जा रहा है। शहर के भाटागांव बस स्टैंड के पास नीलकंठेश्वर मंदिर, मोतीबाग के पास बैद्यनाथ धाम, टिकरापारा में नरहरेश्वर मंदिर,सेरीखेड़ी के पास मेला लगा है। जगह-जगह भगवान शिव के जयकारे लग रहे हैं।
लगी है भक्तों की लाइन

सुबह से ही महादेव घाट पर खारून नदी में स्नान करने के बाद हटकेश्वलर महादेव के दर्शन और जलाभिषेक करने के लिए भक्तों की लाइन लगी है। राजधानी के तीन प्राचीन शिव मंदिरों में भक्तों की कतार लगी है, मंदिर में उल्लास छाया है। महादेवघाट, सरोना मंदिर, बूढ़ेश्वर मंदिर में दर्शन, जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक करने के लिए भक्त जुटे हैं। शहर केसुरेश्वर महादेव पीठ में 25 फीट का त्रिशूल
सूरेश्वर महादेव में 25 फीट ऊंचा त्रिशूल स्थापित किया गया
कचना रोड स्थित सुरेश्वर महादेवपीठ में सुबह 10:30 बजे 25 फीट का त्रिशूल स्थापित किया गया। सुबह से दोपहर तक दुग्धाभिषेक होगा। शाम को महाश्रृंगार और रात्रि के चार प्रहर में विशेष पूजा होगी। शहर के श्री सरजूबांधा नया तालाब सोमेश्वर महादेव मंदिर में सुबह नौ बजे जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक किया गया। गायत्री शक्तिपीठ समता कालोनी शक्तिपीठ में मां गायत्री का 10 स्नान कर रुद्राभिषेक किया गया। शंकराचार्य आश्रम
ज्योतिष पीठाधीश्वर एवं द्वारका शारदा पीठाधीश्वर के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती महाराज द्वारा स्थापित सिद्धेश्वर महादेव मंदिर बोरियाकला में रात्रि के चारों प्रहर में विविध द्रव्यों से पूजा की जाएगी। दूध ,गन्ने का रस, शहद, एवं गंगाजल से भगवान सिद्धेश्वर का विधिवत पूजन किया जाएगा।
51 फीट ऊंची बाबा बैजनाथधाम प्रतिमा का किय गया अभिषेक
नहरपारा नीलकंठेश्वर मंदिर में सुबह दुग्धाभिषेक, रात्रि में भस्म आरती के बाद रात्रि के चारों प्रहर में अभिषेक किया जाएगा। कटोरातालाब स्थित श्री योगेश्वर महादेव मंदिर में अभिषेक, गुप्त आरती के बाद शिव दर्शन, शाम को दूल्हा सरकार के रूप में श्रृंगार, रात्रि में ठंडाई का प्रसाद वितरण किया जाएगा। मोतीबाग स्थित 51 फीट ऊंची बाबा बैजनाथधाम प्रतिमा का अभिषेक किया गया।
निकलेगी शिव बरात
दोपहर बाद फूल चौक, चौबे कालोनी, मठपारा, पुरानी बस्ती, सुंदर नगर आदि शिव मंदिरोें से भोलेनाथ की भव्य बरात निकाली निकाली जाएगी। इसमें भूत, प्रेत का भेष धारण कर श्रद्धालु नाचते हुए निकलेंगे। साथ ही पालकी पर सवार भोलेनाथ पर देवतागण फूल बरसाएंगे। शाम को श्रृंगार दर्शन और इसके बाद रातभर विशेष रुद्राभिषेक किया जाएगा। महाशिवरात्रि पर मंगलवार को मंगल प्रधान धनिष्ठा नक्षत्र होने से सर्वार्थसिद्धि योग बन रहा है। साथ ही शिव योग भी है। खारुन नदी के किनारे महादेवघाट पर मेला लगेगा। श्रद्धालु नदी में पुण्य की डुबकी लगाकर
हटकेश्वरनाथ का दर्शन करके मेला घूमने का आनंद लेंगे।
महादेवघाट के हटकेश्वरनाथ शिवलिंग और बूढ़ापारा के बूढ़ेश्वर शिवलिंग का का भस्म से अभिषेक किया गया। इसके बाद भांग, धतूरा से विशेष श्रृंगार किया गया। रात्रि के चार प्रहर में 24 द्रव्यों से विशेष अभिषेक किया जाएगा। दूध, दही, घी, शहद, शक्कर, स्वर्ण जल, रजत जल, कुशा जल, सुगंधित द्रव्य, केसर दूध, 11 प्रकार के फलों का रस के बाद अंत में भस्मी से अभिषेक किया जाएगा।
