राजनांदगांव । रबी मौसम में किसानों को खाद के लिए भटकना पड़ रहा है। खाद के कृत्रिम संकट खड़ा कर कई व्यापारी कालाबाजारी कर रहे हैं। आम आदमी पार्टी ने इसे रोकने के लिए प्रशासन से
गुहार लगाई है। अन्यथा आंदोलन की चेतावनी दी गई है। पार्टी का आरोप है कि गांव-गांव में अवैध रूप से खाद बिक रही है। कार्रवाई ना होने पर आंदोलन किया जाएगा।
प्रशासन को सौंपे गये ज्ञापन में कहा गया है कि खाद की कालाबाजारी सरेआम चल रही है। जिसके चलते किसानों को खाद नहीं मिल रही है। दुकानों में दोगुनी कीमत पर खाद बिक रही है। पार्टी का आरोप है कि इसमें कृषि विभाग की मिलीभगत है। विभाग पूरी तरह से मौन है। जिसके कारणलगातार खाद की कालाबाजारी लगातार बढ़ती जा रही है। इस पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। दुकानों में महंगी दाम पर खाद बेची जा रही है।मांग से काफी कम आपूर्तिः जिले में अभी कम से कम तीन हजार टन खाद की जरूरत है। पिछले सप्ताह मात्र 1200 टन खाद मिली थी। मांग के अनुरूप आपूर्ति नहीं होने के कारण सहकारी समितियों में खाद उपलब्ध नहीं है। निजी दुकानों में जो खाद पहुंच रही, वह अनाप-शनाप दाम पर बेची जा रही है। इससे किसानों की परेशानी बढ़ गई है।
यूरिया 700 रुपये तक में बेची जा रही
शिकायत के अनुसार यूरिया 280 री है, लेकिन कालाबाजारी कर उसे 600 से 700 रुपये में बेची जा रही है। इसी तरह डीएपी की कीमत 1200 है जिसे 1600 से 1800 रुपये मे बेची जा रही है। कृषि केंद्रों पर प्रतिबंधात्मक कीटनाशक धड़ल्ले से बेंचे जाते हैं। जिससे लोगों की जान से खिलवाड़ हो रहा है। विभाग को जानकारी होने के बाद भी उनके कान पर जूं तक नहीं रेंग रही है।
यूरिया 700 रुपये तक में बेची जा रही
शिकायत के अनुसार यूरिया 280 री है, लेकिन कालाबाजारी कर उसे 600 से 700 रुपये में बेची जा रही है। इसी तरह डीएपी की कीमत 1200 है जिसे 1600 से 1800 रुपये मे बेची जा रही है। कृषि केंद्रों पर प्रतिबंधात्मक कीटनाशक धड़ल्ले से बेंचे जाते हैं। जिससे लोगों की जान से खिलवाड़ हो रहा है। विभाग को जानकारी होने के बाद भी उनके कान पर जूं तक नहीं रेंग रही है।
