स्कूल शिक्षा विभाग में शिक्षकों की पदोन्नति की प्रक्रिया चल रही है। इसके लिए लोक शिक्षण संचालनालय ने प्रक्रिया के दौरान यदि कोई गड़बड़ी सामने आती है तो सीधे जिला शिक्षा अधिकारी और संयुक्त संचालक की जिम्मेदारी तय की है। लोक शिक्षण संचालनालय के संचालक सुनील कुमार जैन की ओर से जारी निर्देश में स्पष्ट कहा गया है कि इस प्रक्रिया पर पूरी तरह से पारदर्शिता बरती जाए। अन्यथा दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की गाज गिरेगी।
सात बिंदुओं का पालन करने के लिए दिया निर्देश
लोक शिक्षण संचनालय के संचालक सुनील कुमार जैन की ओर से जारी गाइडलाइन में सात बिंदुओं का उल्लेख किया गया है। इसके अनुसार शिक्षकों का पदांकन सबसे पहले शिक्षक विहीन और एकल शिक्षक स्कूलों में प्राथमिकता के आधार करें। यथासंभव सहायक शिक्षक के प्रधान पाठक प्राथमिक के पदांकन के लिए अगर विकासखंड में पद रिक्त हो तो उसी विकासखंड में और यदि विकासखंड में पद रिक्त नहीं हो तो जिले के नजदीक अन्य विकासखंड में पदस्थापना की जा सकती है।
निर्देश में स्पष्ट कहा गया है कि यथासंभव शिक्षक और प्रधान पाठक पूर्व माध्यमिक शाला पद के लिए यदि विकासखंड में पद रिक्त नहीं है तो उसी विकासखंड के किसी अन्य स्कूल में या जिले के निकटतम जिले में पदांकन दिया जा सकता है।
जहां पहले से पद खाली वहीं मिलेगी पदस्थापना
दिशा-निर्देश के अनुसार यदि किसी संस्थान में पहले से ही पद खाली हो तो उसी संस्थान में पदस्थापना दी जाएगी। पदस्थापना केवल रिक्त पदों पर ही किया जा सकता है । पदस्थापना के बाद किसी भी तरह के संलग्नीकरण या संशोधन किया गया तो इस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। संपूर्ण प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता के साथ किया जाएगा। यदि किसी तरह की शिकायत पाई गई और उसकी जांच में सही पाया गया तो इसकी जिम्मेदारी सीधे अधिकारियों की होगी।
