उल्टा चोर कोतवाल को डांटे,यही कांग्रेस की शैली
राजनंदगांव, शहर की महापौर हेमा देशमुख के बीएनसी मिल बंद होने में भाजपा का हाथ वाले बयान पर पलटवार करते हुए भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष कोमल सिंह राजपूत ने कहा की बीएनसी मिल के साथ-साथ देश की 65 मिलों को कांग्रेस के शासन ने बंद किया था। श्री राजपूत ने कहा कि कांग्रेस के लोग झूठ बोलने में माहिर हैं,परंतु राजनांदगांव के प्रबुद्ध जन पूरा मामला जानते हैं ।श्री राजपूत ने चेतावनी भरे स्वर में कहा कि एक मंच पर प्रमाणिक दस्तावेजों के साथ वह बहस करने के लिए तैयार हैं कि बीएनसी मिल को बंद करने में कांग्रेस का हाथ था, उन्होंने जोर देकर कहा कि नरसिम्हा राव के प्रधानमंत्री काल में जब मनमोहन सिंह वित्त मंत्री थे एवं दिग्विजय सिंह मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री थे तथा कपड़ा मंत्री कमलनाथ जी थे तब बीआईएफआर अथार्त बोर्ड आफ इंडस्ट्रियल फाइनेंसर रिकंस्ट्रक्शन बोर्ड के माध्यम से बीमारू मिल जो कि निरंतर घाटे में चल रही थी ऐसी 65 मिलों को चिन्हित करते हुए उन्हें बंद करने की सिफारिश की गई थी, जिसमें मध्य प्रदेश की 3 मील के साथ बीएनसी मिल का नाम भी था और महापौर हेमा देशमुख पहले बी एन सी मिल के इतिहास को ठीक ढंग से पढ़ लें कि उस बीएनसी मिल बंद करने के प्रस्ताव में इंटक अध्यक्ष के हस्ताक्षर भी थे जो कांग्रेस की सहयोगी संस्था रहा करती है। श्री राजपूत ने कहा कि तब भारतीय मजदूर संघ ने सुझाव दिया था कि सरकार बीएनसी मिल का पुराना बिजली बिल जमा करें जिसे कांग्रेस सरकार ने अस्वीकार कर दिया और 2 जून 1999 को छत्तीसगढ़ के ऊर्जा मंत्री जो कि राजनांदगांव के ही हैं, माननीय धनेश पाटिल जी के आदेश से बीएनसी मिल का लाइन काटा गया,और यहीं से बीएनसी मिल का दुर्भाग्य शुरू हुआ और मिल बंद होने की स्थिति में आ गई। श्री राजपूत ने जोर देकर कहा कि वे यह भी जानते हैं कि भाजपा के वरिष्ठ नेता आदरणीय स्वर्गीय शिवकुमार शास्त्री जी ने टाउन हॉल में एक बैठक आयोजित की थी, जिसमें आम नागरिक, मजदूर, वकील, बुद्धिजीवी, चेंबर ऑफ कॉमर्स, डॉक्टर इंजीनियर, सभी प्रकार के लोग शामिल हुए जिसकी अध्यक्षता तत्कालिक विधायक लीलाराम भोजवानी ने की थी, परंतु आश्चर्य का विषय यह रहा कि कांग्रेस ने इस बैठक का बहिष्कार किया और गंदी राजनीति की मिसाल पेश की थी। श्री राजपूत ने कहा कि महापौर हेमा देशमुख को बीएनसी मिल के इतिहास की जानकारी नहीं है इसलिए वह उस पर बोलने के बजाय अपने 2 वर्षीय कार्यकाल का रिपोर्ट कार्ड जनता के सामने रखें ।श्री राजपूत ने कहा कि डॉ रमन सिंह पर कुछ कहने से पहले हेमा देशमुख यह जान लें कि जैसे ही डॉ रमन सिंह उद्योग मंत्री बने थे, वैसे ही पूर्ववती कांग्रेस सरकार की योजना के तहत बीएनसी मिल बंद कर दी गई और उस समय डॉ रमन सिंह ने दिल्ली भोपाल मिलाकर 11 बैठकें बीएनसी मिल को शुरू करने हेतु प्रयास किया था, परंतु 65 मिलों के साथ बीएनसी मिल भी कांग्रेस की गलत नीतियों के कारण बंद हो गई । श्री राजपूत ने कहा कि बीएनसी मिल को बंद तो कांग्रेस ने कराया, परंतु कल भाजपा द्वारा दिए गए धरने का मूल विषय यह है कि विगत चुनाव के समय में राहुल गांधी ने राजनांदगांव की धरती पर आकर कहा था कि हम सत्ता में आए तो 1 वर्ष में बीएनसी मिल शुरू कराएंगे, उनके वादे को याद दिलाने के लिए भाजपा ने जनता के हित में आंदोलन किया और कांग्रेस के नेता राहुल गांधी को जरा भी शर्म है तो वे अपने वादे अनुरूप बीएनसी मिल को तत्काल शुरू करें अन्यथा आने वाले चुनाव में भाजपा राहुल गांधी के उस बयान को एक-एक बूथ में सुनाएगी और कांग्रेस के सारे झूठे वायदों का पर्दाफाश करते हुए जनता को जागरूक करेगी।
