
भारत का रत्न और स्वर कोकिला कहलाने वाली प्रसिद्ध गायिका लता मंगेशकर का 92 साल की उम्र में निधन हो गया है। लता मंगेशकर के निधन पर दो दिवसीय राष्ट्रीय शोक की घोषणा की गई है। सम्मान के रूप में दो दिनों तक राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा।
लता मंगेशकर इतनी बड़ी कलाकार और व्यक्तित्व हैं। मैंने 200 फिल्मों में काम किया है। मैं भाग्यशाली हूं कि मैंने उनके द्वारा गाय गानों पर परफॉर्म किया। उनके जैसा कोई नहीं गा सकता, वह बहुत खास थीं। उनका निधन बहुत दुखद है।
इस वजह से हुई लता जी की मृत्यु
डॉक्टर्स के द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक लता मंगेशकर की मौत मल्टीपल ऑर्गन फेल्योर की वजह से हुई है।
6.30 बजे होगा अंतिम संस्कार
लता मंगेशकर के पार्थिव शरीर को लगभग 12:30 बजे उनके आवास पर ले जाया जाएगा। पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार आज शाम 6.30 बजे शिवाजी पार्क में किया जाएगा।
पाकिस्तान के मंत्री ने जताया शोक
एक किंवदंती नहीं रही, लता मंगेशकर एक मधुर रानी थीं, जिन्होंने दशकों तक संगीत की दुनिया पर राज किया, वह संगीत की बेजोड़ रानी थीं, उनकी आवाज हमेशा लोगों के दिलों पर राज करती रहेगी।
वीरेंद्र सहवाग ने जताया दुख
भारत की कोकिला, एक आवाज जो गूंजती हुई दुनिया भर के लाखों लोगों के लिए खुशी लेकर आती थी। उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति हार्दिक संवेदना। ओम शांति
दशकाें तक भारत की प्रिय आवाज रहीं लता जी – राहुल गांधी
लता मंगेशकर जी के निधन का दुखद समाचार प्राप्त किया। वह कई दशकों तक भारत की सबसे प्रिय आवाज बनी रहीं। उनकी सुनहरी आवाज अमर है और उनके प्रशंसकों के दिलों में गूंजती रहेगी। उनके परिवार, दोस्तों और प्रशंसकों के प्रति मेरी संवेदनाएं।
घर पर रखा जाएगा पार्थिव शरीर
प्राप्त जानकारी के मुताबिक गायिका का पार्थिव शरीर पहले उनके घर ले जाया जाएगा। जहां 12 बजे से लेकर दोपहर 3 बजे तक अंतिम दर्शनों के लिए उनका पार्थिव देह रखा जाएगा। उसके बाद शिवाजी पार्क में उन्हें राष्ट्रीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी जाएगी।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा – उनकी धुन अमर रहेंगी
सदियों में एक बार ही ऐसे कलाकार का जन्म होता है। लता-दीदी एक असाधारण इंसान थीं, जो गर्मजोशी से भरी हुई थीं। दिव्य आवाज हमेशा के लिए शांत हो गई है। लेकिन उनकी धुन अमर रहेंगी, अनंत काल तक गूंजती रहेंगी। उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति मेरी संवेदनाएं।
पीएम मोदी ने जताया शोक
मैं शब्दों से परे पीड़ा में हूं। लता दीदी हमें छोड़कर चली गई हैं। वह हमारे देश में एक खालीपन छोड़ गईं हैं, जिसे भरा नहीं जा सकता। आने वाली पीढ़ियां उन्हें भारतीय संस्कृति के एक दिग्गज के रूप में याद रखेंगी, जिनकी सुरीली आवाज में लोगों को मंत्रमुग्ध करने की अद्वितीय क्षमता थी।
केंद्रीय मंत्री ने दी श्रद्धांजलि
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी गायिका के निधन की पुष्टि की हैं। उन्होंने ट्वीट कर इसे देश के लिए बहुत बड़ी क्षति बताया है। वह महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के साथ अस्पताल भी पहुंचे।
कोरोना निगेटिव होने के बाद भी क्यों थी हालत खराब
एन संथानम ने मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि गायिका कोरोना पॉजिटिव होने की वजह से अस्पताल में भर्ती हुईं थीं। कोरोना का इलाज किया गया था, लेकिन कोरोना के कारण हुईं समस्याओं की वजह से उनका निधन हो गया। सुबह 8.12 बजे लता मंगेशकर ने आखिरी सांस ली। अब उनके पार्थिव शरीर को शिवाजी पार्क ले जाने की व्यवस्था की जा रही है।
