आखिरकार छत्तीसगढ़ फिल्म नीति 2021 का प्रकाशन छत्तीसगढ़ राजपत्र में कर दिया गया है। इससे यह नीति धरातल पर आ गई है और अब इससे जुड़े कलाकारों को सीधे फायदा मिलेगा। छत्तीसगढ़ फिल्म पालिसी लागू होने से प्रदेश में फिल्म उद्योग से जुड़े तीन हजार से अधिक कलाकारों, टेक्निशियनों और निर्माता-निर्देशकों सहित स्थानीय लोगों को इसका लाभ मिलेगा। योजना के तहत अलग-अलग श्रेणियों में अनुदान का प्रावधान किया गया है।
निजी निवेश को मिलेगा बढ़ावा
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में नई फिल्म-नीति 2021 तैयार किया गया है। इस फिल्म नीति के तहत फीचर फिल्म, वेब सीरिज, टीवी सीरियल्स और रियाल्टी शो और डाक्यूमेंट्री फिल्म के निर्माण, फिल्मांकन के लिए सुविधा व प्रोत्साहन का प्रविधान किया गया है। इससे फिल्म के क्षेत्र में निजी निवेश को बढ़ावा मिलेगी। छत्तीसगढ़ फिल्म नीति 2021 को लागू करने का प्रमुख उद्देश्य छत्तीसगढ़ में फिल्म अनुकूल राज्य बनाना और राज्य में फिल्म उद्योग के माध्यम से प्रदेश की संस्कृति एवं पर्यटन को राष्ट्रीय पहचान देना तथा यहां स्थानीय लोगों के लिए ज्यादा से ज्यादा रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।
कई राज्यों से अध्ययन करके तैयार की फिल्म नीति
संस्कृति विभाग के अधिकारियों ने बताया कि नई फिल्म नीति बनाने के लिए महाराष्ट्र, हैदराबाद, कोलकाता, चेन्नई की फिल्म नीतियों का अध्ययन किया है। इसके तहत लोक कलाकारों का हित और निर्माणाधीन फिल्म सिटी में उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया है।
दी जाएगी सब्सिडी
छत्तीसगढ़ के निर्माता, निर्देशक, कलाकारों को तो लाभ मिलेगा ही। साथ में अन्य प्रदेश के निर्माता, निर्देशक, तकनीशियन, कलाकारों को छालीवुड में आने और फिल्म निर्माण करने के लिए सब्सिडी प्रदान कर प्रेरित किया जाएगा, ताकि ज्यादा से ज्यादा फिल्मों की शूटिंग करने अन्य राज्यों के कलाकार नवा रायपुर में निर्माणाधीन फिल्म सिटी आने के लिए लालायित हों। फिल्म सिटी के अलावा छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल, लोकेशन का भी विकास किया जाएगा।
तीन हजार से अधिक पंजीयन
फिल्म नीति के अलावा कलाकारों का ग्रेड तय करने के लिए संस्कृति विभाग में पंजीयन भी किया जा रहा है। अब तक तीन हजार से अधिक कलाकार पंजीयन करवा चुके हैं। पंजीयन के बाद कलाकारों को एबीसी ग्रेड में बांटा गया है। पद्मश्री, पद्मभूषण एवं अन्य राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार हासिल करने वाले कलाकारों को वरीयता दी दी गई।
बनेंगे नए थिएटर
राजधानी के अलावा अन्य शहरों में थिएटरों का निर्माण किया जाएगा और पुराने थिएटरों का जीर्णोद्धार होगा। दर्शकों के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
कलाकारों और साहित्यकारों के पेंशन में आय-सीमा में बढ़ोतरी भी
छत्तीसगढ़ फिल्म उद्योग से जुड़े कलाकारों और साहित्यकारों ने संस्कृति विभाग से मिलने वाली पेंशन में आय-सीमा में बढ़ोतरी भी किए है। संस्कृति विभाग द्वारा आर्थिक सहायता (पेंशन) योजना के तहत वर्ष 2007 से 60 वर्ष से अधिक आर्थिक रूप से कमजोर कलाकारों एवं साहित्यकारों को मासिक आर्थिक सहायता दी जा रही है। इसके लिए पहले आय-सीमा परिवार के अकेले सदस्य के लिए 14 हजार 400 रुपये थी।
वहीं दो सदस्यों के लिए 18 हजार रुपये थी। तीन या तीन से अधिक सदस्यों के लिए 24 हजार रुपये निर्धारित की गई थी। अब आय-सीमा को बढ़ाकर एकल सदस्य के लिए 72 हजार रुपये, दो सदस्यों के लिए एक लाख 44 हजार रुपये और तीन या तीन से अधिक सदस्यों के लिए दो लाख 16 हजार रुपये कर दिया है।
