सार
पंजाब में राजनीतिक दलों ने पहले भी कई बार मुख्यमंत्री पर अपने ही निर्वाचन क्षेत्र में अवैध खनन का आरोप लगाया था। दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने भी अवैध बालू खनन रैकेट को लेकर ट्वीट किया था कि पंजाब के सीएम चन्नी इसे रोकने के लिए कुछ नहीं कर रहे हैं।

विस्तार
कुछ माह के लिए पंजाब के सीएम बनाए गए चरणजीत चन्नी को 2018 में दर्ज एक मामला अब बड़ा दर्द दे रहा है। ईडी द्वारा गुरुवार देर रात सीएम चन्नी के भतीजे भूपिंदर हनी को मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में गिरफ्तार करते ही एक बार फिर सियासत गरमा गई है। कांग्रेस की तरफ से अगले सीएम की रेस में सबसे आगे चल रहे चन्नी इससे बैकफुट पर आ गए। सबसे बड़ा डर ये है कि विरोधी तो पहले ही निशाना साध रहे थे अब कहीं ईडी की इस कार्रवाई से अपने ही विरोध में न आ जाएं।
कैप्टन के शासनकाल में दर्ज हुआ था केस
साल 2018 में जब कैप्टन अमरिंदर सिंह पंजाब के मुख्यमंत्री थे, उस समय अवैध खनन का मामला सामने आया था। पंजाब पुलिस ने केस दर्ज कर इस मामले में चालान पेश कर दिया था। हालांकि तब उसमें भूपिंदर सिंह का नाम नहीं था। एफआईआर के मुताबिक इस मामले में 26 आरोपी हैं। इसमें शामिल छह ठेकेदारों के खिलाफ ईडी जांच कर रही है। पंजाब पुलिस की ओर से दर्ज प्राथमिकी के आधार पर ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की है।
ईडी के अधिकारियों के मुताबिक इस मामले में मुख्य आरोपी कुदरतदीप सिंह ने दो निदेशकों संदीप सिंह और भूपिंदर सिंह के साथ नई कंपनियां बनाई थीं। पूछताछ के बाद ईडी के हाथ भूपिंदर हनी तक पहुंचे और 18 जनवरी को ईडी ने हनी के चंडीगढ़, लुधियाना, मोहाली और फतेहगढ़ के दस अलग-अलग ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापे मारे। प्रवर्तन निदेशालय को इनके ठिकानों से 10.7 करोड़ रुपये की नकदी बरामद हुई।
लगातार चर्चा में है पंजाब में अवैध रेत खनन
पंजाब से अवैध रेत खनन की कई शिकायतें आ रही थीं। मोहाली, रोपड़, होशियारपुर और पठानकोट समेत 12 जिले ऐसे हैं जिसें अवैध खनन पर ईडी की खास नजर थी। अवैध रेत खनन का मुद्दा पंजाब विधानसभा चुनाव का एक अहम मुद्दा भी है। इस मुद्दे पर आम आदमी पार्टी कांग्रेस के नेतृत्व वाली राज्य सरकार को बार-बार निशाना बनाती रही है। पिछले साल दिसबंर महीने में ‘आप’ ने आरोप लगाया था कि सीएम चन्नी के निर्वाचन क्षेत्र चमकौर साहिब में अवैध रेत खनन पाया गया है।
