0 बिना मुख्यमंत्री के संज्ञान के हजारों लोगों को नहीं हटाया जा सकता 0 भूपेश तो कर ही नहीं पा रहे , अब राहुल ही दिलवाएं न्याय
राजनाँदगाँव।प्रदेश के तक़रीबन एक हजार व् जिले भर के लगभग अठारह आयुष्मान मित्रों को जनवरी के बाद काम में नहीं आने के आदेश के बाद अब मामला गरमा सा गया है । भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष मोनू बहादुर के नेतृत्व में बुधवार को आयुष्मान मित्रों प्रेसवार्ता के माध्यम से अपनी बातो को रखा । गौरतलब है कि राजनाँदगाँव जिले में तक़रीबन अठारह आयुष्मान मित्र हैं जो विभिन्न निजी अस्पतालों में अपनी सेवायें दे रहे थे लेकिन जनवरी में उन्हें एक मेल के माध्यम से सूचना दीगई कि जनवरी के बाद से उनका काम बंद किया जा रहा है । उक्त आदेश को लेकर अब आयुष्मान मित्र व् भाजयुमो अब सड़क की लड़ाई लड़ने को आमादा है । प्रेसवार्ता के दौरा कुंदन राजपूत , राकेश साहू , भूपेंद्र साहू , अजय साहू , खेमा देवांगन ने ना सिर्फ अपने नौकरी के वापसी की मांग की नौकरी वापस नहीं मिलने पर सड़क तक की लड़ाई लड़ने की बात कही । पत्रकार वार्ता के दौरान भाजयुमो जिलाध्यक्ष मोनू बहादुर सिंह ने कहा कि चूँकि आयुष्मान योजना केंद्र की है और सीधे तौर पर प्रधानमत्री इसे देखते हैं इसीलिए प्रदेश की कांग्रेस सरकार इसे पचा नहीं पा रही है और आयुष्मान मित्रों को नौकरी से हटाकर अपनी खीझ दर्शा रही है । मोनू ने कहा कि यह प्रदेश का दुर्भाग्य है कि इतने बड़े मामले में भी मुख्यमंत्री का मौन यह दर्शाता है कि हजारों लोगों की नौकरी जाने को लेकर उनकी सहमति है ।प्रेसवार्ता के दौरान युवा मोर्चा के गोलू सूर्यवंशी पार्षद गगन आईच , मंडल अध्यक्ष सज्जन ठाकुर व् प्रखर श्रीवास्तव , कमलेश लहरे , अंशुल श्रीवास्तव सहित अन्य लोग उपस्थित थे ।
