होशियारपुर के ओम प्रकाश जक्खू एक बार फिर चुनावी मैदान में हैं। वे 19 बार चुनाव लड़ चुके हैं। जक्खू का कहना है कि मैं एक ऐसे समाज के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध हूं, जिसमें किसी भी तरह का भेदभाव न हो। कोई जाति भेद नहीं हो, कोई उच्च वर्ग नहीं, कोई निम्न वर्ग नहीं, कोई अमीर और गरीब नहीं हो बल्कि सभी समान और बिना किसी सांप्रदायिक भेदभाव के मिलजुल कर रहें। मैं इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए 20वीं बार चुनावी मैदान में हूं। विधायक चुने जाने के लिए यह मेरी दावेदारी नहीं बल्कि लोगों की अपनी दावेदारी है। लोगों से मेरा वादा है मुफ्त शिक्षा और सभी के लिए मुफ्त स्वास्थ्य सुविधाएं।
विधानसभा हलका होशियारपुर से चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने वाले ओम प्रकाश जक्खू ने अमर उजाला से विशेष बातचीत के दौरान उक्त बात कही। वह यहां क्लॉक टॉवर के पास अपने खोखे में जूते पॉलिश कर रहे थे। जक्खू ने विधानसभा चुनाव के लिए भारतराष्ट्र डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार के रूप में अपना नामांकन दाखिल किया है।
बीस हजार और एक दोपहिया वाहन है जक्खू की संपत्ति
जक्खू ने कहा कि मैं युवाओं को नशीले पदार्थों से बचाने के लिए मैदान में उतरा हूं। मेरा मंत्र है हर हाथ को काम, हर मुंह को खाना, हर बच्चे को शिक्षा और सबके लिए स्वास्थ्य सेवा। जक्खू के पास सिर्फ बीस हजार रुपये और एक दोपहिया वाहन ही संपत्ति के रूप में है। जक्खू ने बताया कि उनका चुनावी बजट 20000 रुपये ही है। इनमें से कुछ रुपये मैंने नामांकन पर खर्च किए हैं। बाकी अपने प्रचार पर खर्च करेंगे।
जक्खू ने कहा कि मैं अपने दोपहिया वाहन पर घर-घर जाकर रोजी-रोटी कमाने के लिए जूते पॉलिश करूंगा और साथ ही अपने लिए वोट मांगेंगे। जक्खू लंबे समय से चुनाव लड़ते आ रहे हैं। अब तक उन्होंने सांसद और विधायक के 19 अलग-अलग चुनाव लड़े है। बरसों पहले वह बसपा के उम्मीदवार थे और वह तीन बार विधायक चुनाव में रामविलास पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी के उम्मीदवार रह चुके हैं। इस बार नई पार्टी से चुनाव लड़ने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि वह लोगों के लिए लोकतंत्र को बचाने और सांप्रदायिक और भ्रष्ट ताकतों को हराने के लिए चुनाव लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह सांप्रदायिकता के खिलाफ हैं। निचले पायदान पर बैठे गरीब, मजलूम और दबे-कुचले लोगों के लिए सांप्रदायिक और भ्रष्ट ताकतों के खिलाफ लड़ेंगे।
