खैरागढ़ । कोरोना संक्रमितों की संख्या तेजी से बढ़ रहा है। इसके बावजूद लोग लापरवाही बरतने से बाज नहीं आ रहे हैं। जागरुकता अभियान भी चलाया जा रहा है। फिर भी लोग संक्रमण को हल्के में ले रहे हैं। यहीं कारण है कि संक्रमितों की संख्या फिर से बढ़ने लगी है। चार दिनों के भीतर 35 संक्रमित मरीज मिले हैं। इसमें आधे से ज्यादा मरीज ग्रामीण इलाकों से सामने आए हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार जारी जांच के दौरान पिछले चार दिन में ब्लाक में 35 नए संक्रमित मरीज मिलें है। इसमें शहर से 13 और ग्रामीण इलाकों से 22 नए संक्रमितों की पहचान हुई है। लगातार बढ़ते संक्रमण के चलते शहर सहित इलाकें में प्रशासन लगातार जांच और लोगों को जागरूक करने में जुटा है। इसके बाद भी लापरवाही लगातार जारी है।
विवाह के मुहूर्त शुरू, बढ़ेंगी परेशानी : बुधवार से शादियों की मुहुर्त शुरू हो जाएगी। ऐसे में शहर सहित ग्रामीण इलाकों में दर्जनों शादियां होनी है। भीड़ भाड़ और कोरोना नियमों का पालन नहीं होने से भी संक्रमण के बढ़ने का खतरा मंडराने लगा है। नए साल में ही संक्रमण की शुरूआत हुई है। अब तक इसी माह में संक्रमितों का आंकड़ा 80 से अधिक पर पहुंच गया है। ऐसे में बिना नियमों का पालन किए शादी व्याह और सार्वजनिक कार्यक्रमों में भीड़ संक्रमण को बढ़ा सकती है। हलांकि प्रशासन ने कोरोना से बचाव के दिशा निर्देश जारी किए हैं। लेकिन इसका असर कम दिख रहा है। शहर सहित इलाकों में राजस्व , स्वास्थ्य और पुलिस अमला लगातार अभियान चलाकर लोगों को कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए मास्क का अनिवार्य उपयोग करने अभियान चला रहा है। इस दौरान अभी तक इलाकें में लापरवाही पर प्रशासन ने कार्रवाई शुरू नहीं की है। बल्कि लोगों को समझाकर मास्क का वितरण भी कर रही है।
एंटीजन नहीं आरटीपीसीआर में दिख रहा संक्रमण तीसरी लहर में मुख्य रूप से डोज लगवा चुके लोगों में सर्दी, खांसी, बुखार के बाद कोरोना के संक्रमण एंटीजन जांच में सामने नहीं आ रहे हैं। बल्कि ऐसे एंटीजन निगेटिव रिपोर्ट वालों की आरटीपीसीआर रिपोर्ट पाजिटिव आ रही है। वैक्सीन लगवाने वालों में संक्रमण के मामले के बाद भी ज्यादा दिक्कतें और परेशानियां नहीं है। सात दिन के आइसोलेशन में मरीज तीन से चार दिन में ही ठीक हो रहे हैं। सबसे बड़ी राहत है कि संक्रमित मिल रहे लोगों में सर्दी, खांसी, बुखार, हरारत के अलावा नई परेशानियां सामने नहीं आ रही है। ब्लाक में अब तक इस साल संक्रमित मिलें मरीजों में से 98 फीसद लोग होम आइसोलेशन में ही पूरी तरह ठीक हो रहे हैं। अस्पताल जाने की स्थिति एक्का दुक्का लोगों के साथ ही हैं जिन्हे पहले से शारीरिक बीमारियां और परेशानियां है।
