० जन स्वास्थ्य सुरक्षा के प्रति सीएमएचओ ने दिखाई तत्परता
० बैगा आदिवासी जच्चा-बच्चा सुरक्षित
कबीरधाम। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस के ठीक पहले जन स्वास्थ्य सुरक्षा के प्रति गंभीर स्वास्थ्य विभाग ने जिले की बैगा आदिवासी जच्चा का सिजेरियन कराने में सफलता हासिल की है। सीमएचओ की तत्परता के परिणाम स्वरुप सफल सिजेरियन के उपरांत बैगा आदिवासी जच्चा-बच्चा अब पूरी तरह सुरक्षित हैं।
देशभर में 10 जनवरी को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस मनाया गया, वहीं इससे ठीक पहले जिले के बोड़ला विकासखंड के सारई पतेरा गांव निवासी 20 वर्षीय सविता मेरावी को प्रसव पीड़ा होने पर जिला अस्पताल में भर्ती करवाया गया। सविता की जांच करने पर स्त्री रोग विशेषज्ञ ने सिजेरियन के माध्यम से प्रसव करवाना तय किया, लेकिन एनेस्थीसिया विशेषज्ञ के अभाव में सिजेरियन संभव नहीं हो पाया। इस स्थिति से अवगत होने पर सिविल सर्जन डॉ. पीसी प्रभाकर ने तत्काल मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शैलेन्द्र कुमार मंडल को जानकारी दी। इस स्थिति से निपटने के लिए तत्परता दिखाते हुए डॉ. मण्डल ने शहर के निजी चिकित्सालयों में संपर्क कर तत्काल सिजेरियन के माध्यम से प्रसव करवाने के लिए चर्चा की। सविता को तत्काल निजी चिकित्सालय चंद्रायन हेल्थ केयर सेंटर ले जाया गया, जहां महिला का सफल निःशुल्क सिजेरियन किया गया। इसके उपरांत राहत की सांस लेते हुए सविता व उसके परिजनों ने स्वाथ्य विभाग की टीम व निजी चिकित्सालय के चिकित्सकों का आभार जताया।
सविता ने कहा, मोर लइका अउ मोर बर सब डॉक्टर अउ नर्स दीदी मन भगवान बरोबर होगिन। मोर पीरा ल समझ के मोर मदद करे बर मैं अउ मोर परिवार तरफ ले सबला धन्यवाद देवत हंव, (मेरे और मेरे शिशु के लिए सभी डाक्टर और नर्स दीदीयां भगवान के तुल्य हो गए हैं। मेरी पीड़ा को समझकर उन्होंने मेरी मदद की हैए इसके लिए मेरे तथा मेरे परिवार की ओर से उन सभी को धन्यवाद देती हूं)। चिकित्सकों ने बताया, जच्चा-बच्चा की स्थिति अभी ठीक है। उक्त प्रक्रिया में सिविल सर्जन डॉ. पीसी प्रभाकर, डॉ. अजित राडेकर, हॉस्पिटल कंसल्टेंट रीना सलूजा, डॉ. व्यास नारायण चन्द्रवंशी, डॉ. योगिता चन्द्रवंशी व उनकी मेडिकल टीम तथा कामू बैगा की भूमिका सराहनीय रही।
इस संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शैलेन्द्र कुमार मण्डल ने बताया, शासन व जिला प्रशासन द्वारा अनवरत प्रयास कर जिले में विशेषज्ञ चिकित्सकों की व्यवस्था कराई जा रही है। जिला चिकित्सालय में एनेस्थीसिया विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा अन्यत्र सेवाएं जॉइन करने के उपरांत जिला चिकित्सालय कबीरधाम में हाल ही में यह पद रिक्त हुआ है, जिसकी पूर्ति के लिए प्रयास जारी है। हालांकि, कठिन परिस्थिति में भी बैगा आदिवासी जच्चा का सुरक्षित सिजेरियन कराने में स्वास्थ्य विभाग ने सफलता हासिल की है जो प्रेरक है।
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सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस का आशय
सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस का आयोजन संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने और मातृ-शिशु मृत्युदर को कम करने के उद्देश्य से किया जाता है। इस दिन हर गर्भवती की पांच जांच-ब्लड प्रेशर, ब्लड टेस्ट, यूरीन टेस्ट, हीमोग्लोबिन जांच और अल्ट्रासाउंड फ्री में किया जाता है। उच्च जोखिम गर्भावस्था वाली महिलाओं की पहचान कर उन्हें उच्च चिकित्सा केन्द्रों पर रेफर किया जाता है।
