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बढ़ते कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए प्रदेश भर के पंजीयन कार्यालयों में अलग थंब स्कैनर लगाने की मांग की गई है। पंजीयन कार्यालयों में बायोमेट्रिक व्यवस्था लागू है। इससे पंजीयन कार्यालय आने वाले निरक्षर पक्षकार और उप पंजीयक बायोमैट्रिक में अपना अंगूठा लगा रहे हैं। इससे पंजीयन कार्यालय में कोरोना विस्फोट होने की आशंका है।
ज्ञात हो कि वर्तमान में प्रदेश भर में 99 उप रजिस्ट्री कार्यालय है। सभी कार्यालयों में उप पंजीयक के लिए थंब स्कैनर की व्यवस्था शुरू की गई है। इसको शुरू करने का मकसद था कि उप पंजीयक कब कार्यालय पहुंचते हैं। इसकी जानकारी मुख्यालय में बैठे अधिकारियों को नहीं मिली। थंब स्कैनर की व्यवस्था मुख्यालय ने उप पंजीयक के कार्यालय आने के बाद कंप्यूटर चालू करते ही उनके मोबाइल नंबर पर चार अक्षरों का ओटीपी आ जाता है। ओटीपी डालने के बाद थंब स्कैनर करना पड़ता है।
उप पंजीयक के कंप्यूटर पर 10 मिनट तक काम नहीं हुआ तो लाग आउट हो जाता है। उसके बाद दोबारा कंप्यूटर चालू करने के लिए दोबारा थंब स्कैनर करना पड़ता है, तब कहीं कंप्यूटर शुरू होता है। रजिस्ट्री करवाने के लिए आने वाले निरक्षर पक्षकार भी उसी थंब स्कैन पर अंगूठा लगाते हैं। इसके कोरोना संक्रमण बढ़ने का खतरा है।
जानिए क्या है मांग
पंजीयन अधिकारी कर्मचारी संघ ने पंजीयन प्रक्रिया में बायोमेट्रिक व थंप इप्रेशन को तत्काल रोकने की मांग की है। संघ का कहना है कि यदि इस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया तो विरोध स्वरूप सोमवार से व्यक्तिगत मोबाइल नंबर पर ओटीपी स्वीकार नहीं की जाएगी। इसके साथ ही अपनी सुरक्षा के लिए बायोमेट्रिक का उपयोग पंजीयन पोर्टल में लाग-इन नहीं किया जाएगा।
