ई-कामर्स पर आने वाली शिकायतों के निपटारे के लिए एक नियामक प्राधिकरण का गठन किया जाना चाहिए। इसके लिए कैट ने केंद्रीय उपभोक्ता मामलों के मंत्री पीयूष गोयल को पत्र भी भेजा है। कैट का कहना है कि मार्च 2021 में जारी उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के अनुसार अप्रैल 2020 से फरवरी 2021 के दौरान ई-कामर्स से संबंधित शिकायतें 22 प्रतिशत हैं। ये शिकायतें बैंकिंग, दूरसंचार, इलेक्ट्रानिक उत्पादों और कंन्ज्यूमर ड्युरेबल्स सहित पांच वर्गों में थीं। कैट का कहना है कि नियामक प्राधिकरण के बिना ई-कामर्स नियम और विनियम ई-कामर्स में एक अधूरा सुधार होगा।
कैट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर पारवानी, प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र दोशी, कार्यकारी अध्यक्ष विक्रम सिंहदेन ने बताया कि ई-कामर्स नियमों पर सभी संबंधित वर्गों के साथ एक दोबारा रायशुमारी का आग्रह किया गया है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने इसे स्वीकारते हुए उपभोक्ता मंत्रालय को सलाह का एक और दौर पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
आंकड़ों के अनुसार अप्रैल 2020-फरवरी 21 की अवधि के दौरान, उपभोक्ताओं ने ई-कामर्स लेन-देन से संबंधित 1,88,262 शिकायतें दर्ज कीं। वहीं अप्रैल 2017 और फरवरी 2021 के बीच ई-कामर्स से संबंधित 5,23 823 शिकायतें मंत्रालय को मिलीं।
विदेशी ई-कामर्स कंपनी पर हो कार्रवाई
कैट का कहना है कि सरकार को चाहिए कि विदेशी ई कामर्स कंपनी पर कार्रवाई करें। इन कंपनियों द्वारा लगातार नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है। इससे सभी का नुकसान हो रहा है, साथ ही इनके पोर्टल में गांजा आदि की बिक्री भी की जा रही है।
