भाजपा पर जवाबी हमला करते हुए इन नेताओं ने जहां प्रधानमंत्री की रैली में भीड़ नहीं जुटने की हताशा में सुरक्षा चूक के मु²दे को उछाल कर ध्यान भटकाने का आरोप लगाया। वहीं दूसरी ओर कांग्रेस ने यह कहने से भी गुरेज नहीं किया कि भाजपा मौजूदा वक्त में देश के इकलौते दलित मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को सियासी रुप से हजम नहीं कर पा रही है। पीएम की सुरक्षा में चूक के मामले में केंद्र सरकार के कड़े तेवरों और भाजपा की चौतरफा सियासी आक्रामकता को कांग्रेस पंजाब और उत्तरप्रदेश समेत पांच राज्यों के चुनाव में सियासी मु²दा बनाने की उसकी पुख्ता तैयारी मान रही है।
आक्रामक तरीके से राजनीतिक मुकाबला करने का फैसला
तभी पार्टी के प्रमुख रणनीतिकारों की अंदरूनी मंत्रणा के तत्काल बाद आक्रामक तरीके से इसका राजनीतिक मुकाबला करने का फैसला हुआ और दोपहर से पहले ही कांग्रेस के नेता अलग-अलग जगहों तथा मंचों से पीएम की पंजाब रैली में लोगों के नहीं जुटने का मुद्दा उठाने लगे। प्रशासनिक स्तर पर सुरक्षा चूक के मामले को तवज्जो नहीं देने का सवाल न उठाया जा सके, इसका रास्ता बंद करने की कोशिश के तहत मुख्यमंत्री चन्नी ने सबेरे ही दो सदस्यीय जांच समिति के गठन का एलान भी कर दिया। सुरक्षा चूक को सियासी मुद्दा बनाने की भाजपा की रणनीति पर कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि चाहे उत्तरप्रदेश हो या पंजाब भाजपा के सामने कठिन चुनावी चुनौती है और उपलब्धियों की उसकी झोली खाली है।
पवन खेड़ा का प्रेस कांफ्रेंस
ऐसे में भाजपा को एक बार फिर पीएम मोदी की छवि का ही सहारा है और इसीलिए सुरक्षा चूक के मसले को सियासी तूल दिया जा रहा है। कांग्रेस के प्रवक्ता पवन खेड़ा ने प्रेस कांफ्रेंस के दौरान पार्टी के इस नजरिए को परोक्ष रूप से जाहिर भी कर दिया और कहा कि पीएम की रैली के लिए कुर्सियां नहीं भर पायी तो भाजपा ऐसी हल्की राजनीति पर उतर आयी है। इसके बाद उन्होंने वाराणसी में सितंबर 2017 में पीएम मोदी के रुट में आयी बाधा, सितंबर 2018 में दिल्ली के ट्रैफिक में जाम में पीएम के दो घंटे फंसे होने की घटनाओं का जिक्र कर सवाल उठाया कि तब जिंदा लौटने की बात क्यों नहीं कही गई।
इंदिरा गांधी और राजीव गांधी का उदाहरण
खेड़ा ने 1982 में तत्कालीन पीएम इंदिरा गांधी का उत्तरप्रदेश में काफिला रोके जाने और राजीव गांधी के खिलाफ उदयपुर में जनसभा में ही नारेबाजी जैसे उदाहरण देते हुए कहा कि तब इन नेताओं ने प्रदर्शनकारियों से बुलाकर बात की। मगर पीएम मोदी ने तो किसानों से बात करना भी मुनासिब नहीं समझा। भूपेश बघेल ने रायपुर में मीडिया से मुखातिब होकर पीएम की रैली में भीड़ नहीं आने की खीज में सुरक्षा चूक को तूल देने की बात कही और कांग्रेस के दलित मुख्यमंत्री पर भाजपा के प्रहार का भी आरोप लगाया। अशोक गहलोत ने जयपुर में कहा कि बेशक पीएम की सुरक्षा में चूक एक गंभीर मामला है और जांच कर जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए, मगर पंजाब के सीएम चन्नी के खिलाफ की जा रही टिप्पणियां मुद्दे की गंभीरता कम करती हैं और इसकी निंदा की जानी चाहिए।
