ओमिक्रान की आहट के बीच स्वास्थ्य अमला ने कोरोना जांच की रफ्तार बढ़ा दी है। बार्डर में सख्ती से आने-जाने वाले लोगों की कोरोना जांच की जा रही है। खैरागढ़ की सबसे पास से जुड़ी मप्र और महाराष्ट सीमा से आना-जाना करने वालों के लिए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम इलाकें के गातापार जंगल में सघन जांच अभियान चला रही है। गातापार सीमा पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा मप्र और महाराष्ट की ओर से आने वालों की 24 घंटे जांच की जा रही है। हालांकि मई माह के बाद से अब तक संक्रमण के मामले सामने नहीं आए है लेकिन ओमिक्रान के संक्रमण और खतरे को देखते अभियान में और तेजी लाई गई है।
रोजाना हो रही 50 से अधिक जांच गातापार सीमा पर तैनात स्वास्थ्य और प्रशासन की टीम चेकपोस्ट में वाहनों को रोककर जांच अभियान चला रही है। स्वास्थ्य कार्यकर्ता सेवाराम भूआर्य ने बताया कि गातापार सीमा पर प्रवेश करने वालों में रोजाना 50 से अधिक लोगों की जांच की जा रही है। हलांकि संक्रमण के मामले सामनें नहीं आ रहे हैं। लेकिन यहां आने वालों से निगेटिव रिर्पोट, दोनो डोज के प्रमाण मांगे जा रहे हैं। जरूरत पड़ने पर उनकी भी जांच की जा रही है। गातापार सीमा पर रोजाना सैकड़ों वाहन मप्र और महाराष्ट की सीमा से प्रवेश करते है ऐसे में संक्रमण रोकने में जुटी स्वास्थ्य विभाग की टीम किसी प्रकार की ढील नहीं बरत रही है।
बड़ी संख्या में पहुंचते है लोग मप्र और महाराष्ट सीमा से काफी कम दूरी पर सटें इस राज्यस्तरीय मार्ग से बड़ी संख्या में लोग आवाजाही करतें है। गातापार होकर मप्र के लांजी, बालाघाट, सिवनी, जबलपुर, छिंदवाड़ा सहित महाराष्ट के नागपूर, पुणे सहित अन्य जगहों के आनेजाने के लिए यह सुगम मार्ग है। यहां से रोजाना सैकड़ों वाहन आते जाते है। बड़ी संख्या में निजी वाहनों से भी लोगों की आवाजाही होती है। करीब सालभर से जांच चौकी लगातार कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए जांच लगातार जारी है। मई माह के बाद से यहां संक्रमण का कोई भी मामला सामने नहीं आया है। इसके बाद भी यहां जांच अनिवार्य की गई है।
