राजनांदगांव। छग प्रदेश कांग्रेस कमेटी विधि विभाग के महामंत्री व जिला कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता रूपेश दुबे ने नगर पालिका परिषद खैरागढ़ में मतगणना के दौरान प्रतिबंधित क्षेत्र में बलात घुस कर अपशब्दों का प्रयोग करते हुए निर्वाचन कार्य में लगे कर्मचारियों में भय उत्पन्न करने एवं लोकतांत्रिक व्यवस्था व स्थानीय निकाय चुनाव को जिला पंचायत के उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह ने जो कलंकित किया है, वह स्वस्थ लोकतंत्र के लिए घातक उदाहरण है, ऐसी स्थिति में विक्रांत सिंह का यह आचरण लोकहित में उचित नहीं है। अतः निर्वाचन आयोग उनको जिला पंचायत की सदस्यता व उपाध्यक्ष पद से तत्काल बर्खास्त करते हुए आगामी 6 वर्षों के लिए आम निर्वाचन के लिए अयोग्य घोषित करने की मांग राज्य निर्वाचन आयोग से की है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी विधि विभाग के महामंत्री एवं जिला कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता रूपेश दुबे ने कहा कि जिस प्रकार से खैरागढ़ में शांतिपूर्ण मतदान हुआ और शांतिपूर्ण मतगणना की कार्यवाही पूरी की गई थी। 2 प्रत्याशियों के मध्य बराबर की स्थिति होने व पर विधिवत पुनर्गणना आवेदन प्राप्त होने पर पुनर्गणना का कार्य प्रारंभ किया गया, जिसमें सुमित तांडिया विजय हुए, उनके होने से जिला पंचायत के उपाध्यक्ष अपने कार्य क्षेत्र से बाहर के निर्वाचन में दखल अंदाजी करते हुए जिस प्रकार से अपने साथियों के साथ मतगणना स्थल पर जबरदस्ती घुसने का कार्य कर निर्वाचन कार्य में बाधा पहुंचाकर निर्वाचन कार्य में लगे कर्मचारियों पर भय का वातावरण निर्मित करने तोड़ फोड़ करने का कार्य किया है, वह एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि का आचरण नहीं है, क्योंकि वह निर्वाचित जनप्रतिनिधि हैं और उनका आचरण लोकहित में नहीं होने के कारण उनका पद पर बना रहना उचित नहीं है। वीडियो फुटेज में उनका कार्य सार्वजनिक भी हो चुका है, ऐसी दशा में उन्हें पद से हटाया जाना एवं आगामी 6 वर्षों के लिए किसी भी निर्वाचन के लिए अयोग्य घोषित किया जाना आवश्यक हो गया है, ताकि कोई निर्वाचित जनप्रतिनिधि लोकतंत्र को मजाक ना बना पाए और दुस्कृत्य करने वाले को सबक मिल सके और कोई ऐसी दुसाहस भी ना कर सके।
