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जम्मू कश्मीर के पुलवामा में आतंकियों ने पुलिस कर्मी को गोली मार दी। इसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास के लोगों ने पुलिस कर्मी को स्थानीय अस्पताल पहुंचाया। आतंकी हमले की सूचना के बाद इलाके में बड़ी संख्या में सुरक्षाबल पहुंचे। उन्होंने पूरे इलाके को घेर लिया है। आतंकियों की तलाश की जा रही है। घटना में कितने लोग शामिल थे इसके बारे में पता लगाया जा रहा है। घायल पुलिस कर्मी की पहचान मुश्ताक अहमद के तौर पर हुई है।
13 दिसंबर को श्रीनगर में पुलिस बस पर हमला, 12 जवान घायल, एएसआई समेत तीन शहीद
संसद पर हमले की 20वीं बरसी पर 13 दिसंबर को शहर के बाहरी इलाके जेवन में आतंकियों ने सोमवार की शाम पुलिस बस पर हमला कर अंधाधुंध गोलियां बरसाईं। इसमें एक एएसआई गुलाम हसन (निवासी टॉप नील, रामबन) व कांस्टेबल शफीक अली (माहौर-रियासी), रमीज अहमद शहीद हो गए, जबकि बस चालक समेत 11 जवान घायल हो गए थे। घटना की जिम्मेदारी कश्मीर टाइगर्स ने ली है। घटना के बाद पूरे इलाके में तलाशी अभियान चलाया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमले का पूरा ब्योरा सरकार से तलब किया। उन्होंने हमले में शहीद होने वाले जवानों के परिवार के प्रति संवेदना जाहिर की है। 13 दिसंबर 2001 को आतंकियों ने संसद पर हमला किया था जिसमें नौ लोग मारे गए थे। हमला करने वाले सभी पांच आतंकी मारे गए थे।
शांति के दुश्मनों को बख्शा नहीं जाएगा: एलजी
उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि शांति के दुश्मनों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे तत्वों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी। आतंकियों के पूरे पारिस्थितिकी तंत्र को खत्म किया जाएगा। उन्होंने घायलों के स्वस्थ होने की कामना की। नेकां उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने भी हमले की निंदा करते हुए कहा कि इस प्रकार के हमलों के लिए समाज में कोई स्थान नहीं है। पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि इससे भारत सरकार के कश्मीर में सामान्य हालात होने का गलत दावा उजागर हो गया है।
