पूज्य शदाणी दरबार तीर्थ जत्था पाकिस्तान के हिंदू तीर्थ स्थलों की यात्रा कर शुक्रवार को रायपुर पहुंच रहे है, जहां स्वागत के लिए विभिन्न हिंदू संगठन ने तैयारी कर चुकी है। तीर्थ यात्रा शदाणी दरबार रायपुर के नवम् पीठाधीश्वर धर्मगुरु संतश्री डा. युधिष्ठिर लाल के नेतृत्व में देशभर के 140 लोगों का जत्था चार दिसंबर से 15 दिसंबर तक पाकिस्तान की यात्रा पर था।
उल्लेखनीय है कि पूज्य शदाणी दरबार तीर्थ से पिछले 39 वर्षों से भारत-पाकिस्तान के मध्य प्रोटोकाल एग्रीमेंट के तहत दोनों देशों के बीच तीर्थ यात्रा का आना-जाना जारी है। इसी कड़ी में इस वर्ष विगत दिसंबर को पूरे भारत वर्ष के बनारस, वृंदावन के पूज्य संत, मुंबई, नागपुर, अहमदाबाद, दिल्ली के तीर्थ यात्रियों का जत्था अमृतसर बार्डर क्रास कर लाहौर पहुंचा। वहीं बार्डर पर पाकिस्तान सरकार के तमाम अधिकारी और पाकिस्तान वक्ब बोर्ड के चेयरमेन पाकिस्तानी श्रद्धालुओं ने संत और जत्थे का भव्य स्वागत किया।
पाकिस्तान में जनेऊ संस्कार और सामूहिक विवाह भी
चार दिसंबर को पूज्य शदाणी दरबार के आदि स्थान पूज्य हयात पिताफी सिंध पहुंचे, जहां संस्थापक सतगुरू संत शदाराम साहिब जी के 313 वें जन्मोत्सव के अवसर पर हवन यज्ञ एवं सनातन धर्म की ध्वजा लहराकर महोत्सव शुरू करवाया। चार दिसंबर को 51 बालकों का सामूहिक जनेऊ संस्कार और 21 सामूहिक शुभ विवाह संपन्ना करवाए। वहीं मातृशक्ति सिंधु महिला मंडल ने कलश यात्रा का भव्य आयोजन किया गया। सात दिसंबर को पूज्य वेद मंदिर माथेलो पहुंचे। वहां से माता मंदिर खानपुर महर, सख्खर साधु बेला तीर्थ, घोटकी, डहरकी, मीरपुर माथेलो मुल्तान और ननकाना साहिब पहुंचे।
विभिन्न संगठन करेंगे स्वागत आज
जानकारी के अनुसार जत्था 14 दिसंबर को पाकिस्तान के नानकाना साहिब से रवाना होकर 15 दिसंबर को लाहौर से बार्डर क्रास कर अमृतसर पहुंचे। वहीं जत्था 17 दिसंबर को सुबह 7:30 बजे दिल्ली से नियमित विमान से रायपुर पहुंचेंगे। जहां शदाणी सेवा मंडल, संत राजाराम सेवा मंडल, नगर की पूज्य सिंधी पंचायतें, दुवादश मंडल समेत कई हिंदू संगठनों द्वारा संत युधिष्ठिर लाल और जत्थे का स्वागत करेंगे।
