० वित्तीय अनियमिता और भ्रष्टाचार की हुई पुष्टि
राजनांदगांव। भूपेश साहू, जिला मिशन समन्वयक, जिला राजनांदगांव के द्वारा की गई वित्तीय अनियमिता और भ्रष्टाचार की पुष्टि हो चुकी है और लोक शिक्षण संचालनालय के द्वारा उन्हे निलंबित कर दिया है, लेकिन मुख्यमंत्री के निवास से जारी आदेश दिनांक 06.06.2020 के अनुसार भूपेश साहू, जिला मिशन समन्वयक, जिला राजनांदगांव के द्वारा की गई वित्तीय अनियमिता और भ्रष्टाचार की जांच कराया गया और जांच में भारी वित्तीय अनियमितता और भ्रष्टाचार की पुष्टि हुआ, जबकि यह जांच रिपोर्ट सिर्फ दो विकासखंडों (राजनांदगांव एवं मानपुर) का ही है, अभी सात और विकासखंडों की जांच होना शेष है और बाकी विकासखंडों की जांच जिला शिक्षा अधिकारी राजनांदगांव हेतराम सोम ने आज 14 माह बीत जाने के पश्चात भी नहीं कराया जो मुख्यमंत्री के निवास से जारी आदेश दिनांक 06.06.2020 की अवहेलना है, क्योंकि जांच सभी विकासखंड स्तरीय अभिलेखों का किया जाना था जो आज तक नही कराया जो बेहद गंभीर प्रवृत्ति का अपराध है, क्योंकि दोषी को बचाना और अपराध को छिपाने का प्रयास करना भी अपराध है।
छत्तीसगढ़ पैरेंट्स एसोसियेशन के प्रदेश अध्यक्ष क्रिष्टोफर पॉल का कहना है कि जांच दल ने अपने जांच रिपोर्ट में यह स्पष्ट लिखा है कि जिला शिक्षा अधिकारी के मौखिक आदेश देकर अन्य विकासखंडों में हुई अनियमितता की जांच करने से मना किया था। जांच दल ने अपने अभिमत में अन्य सात विकासखंडों में हुई वित्तीय अनियमिता और भ्रष्टाचार की जांच कराने का अनुरोध किया है, लेकिन जिला शिक्षा अधिकारी हेतराम सोम ने आज 14 माह बीत जाने के पश्चात् भी जांच नही कराया यानि दोषी को बचाने का प्रयास किया गया और मुख्यमंत्री के आदेश को बाईपास किया गया। इस मामले में जिला शिक्षा अधिकारी को भी निलंबित किया जाना चाहिए।
निलंबित जिला मिशन समन्वयक भूपेश कुमार साहू के द्वारा की गई शासकीय राशि का दुरूपयोग, वित्तीय अनियमिता और भ्रष्टाचार की पुष्टि हो चुकी है और लोक शिक्षण संचालनालय के द्वारा उन्हे निलंबित कर दिया है, अब उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज होना चाहिए, क्योंकि शिक्षा विभाग के पास सभी दस्तावेजी साक्ष्य विगत 14 माह से उपलब्ध है। शिक्षा विभाग इस भ्रष्ट शिक्षक को बचाने में लगा हुआ है, जबकि निलंबन के बजाए इसके विरूद्ध एफआईआर दर्ज होना चाहिए था, लेकिन शिक्षा विभाग में इस मामले में कई लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होगा। शानिवार को छत्तीसगढ़ पैरेंट्स एसोसियेशन ने पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत दिया हैं।
