चक्रवाती तूफान चक्रवाद ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। शनिवार को इसके छत्तीसगढ़ से सटे राज्यों में बारिश के आसार जताए जा रहे हैं। इसके प्रभाव से यहांभी हल्की बारिश हो सकती है। किसानों का धान उपार्जन केंद्रों में रखा है। मौसम खराब होने पर किसानों के साथ प्रशासन के सामने भी खुले में रखे धान को सुरक्षित रख पाने की चुनौती हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी के पश्चिम-मध्य में उत्तर-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ा, जिसकी गति 22 किमी प्रति घंटे की रही। शनिवार को इसके उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने की आशंका जताई गई है। इसके उत्तर आंध्र प्रदेश – दक्षिण ओडिशा के तट तक पहुंचने की आशंका है। इसके बाद इसके उत्तर-पूर्व की ओर मुड़ने और ओडिशा तट के साथ पुरी के करीबरविवार को दोपहर के करीब पहुंचने की आशंका जताई गई है। इसके बाद इसके उत्तर-पूर्वोत्तर की ओर तटीय ओडिशा के साथ पश्चिम बंगाल तट की ओर बढ़ने की संभावना है। उधर कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा ने बंगाल की खाड़ी में आए चक्रवाती तूफान के मद्देनजर धान उपार्जन केंद्रों में धान की सुरक्षा के लिए सभी अधिकारियों को आवश्यक सावधानी एवं सतर्कता बरतने के लिए अलर्ट जारी किया है। उन्होंने सभी धान उपार्जन केंद्रों में
बारिश से बचाव के लिए पॉलिथिन केप कवर तथा डे्रनेज की व्यवस्था के निर्देश दिए हैं। जिले में धान खरीदी केंद्र औंधी तथा मानपुर एवं अन्य स्थानों में संभावित बारिश से बचने के लिए उपाय किए जा रहे हैं। गौरतलब है कि मौसम विज्ञान से प्राप्त जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ के दक्षिणी क्षेत्रों में बारिश होने की संभावना है। धान खरीदी का कार्य जारी है। ऐसे में जिला प्रशासन द्वारा सतर्कता रखते हुए आवश्यक ऐहतियात रखे जा रहे हैं।
