० छठ पूजा के दौरान भी इसी प्रकार की वैकल्पिक व्यवस्था भी सुनिश्चित कराने की माँग
० दशकों से चली आ रही कार्तिक पूर्णिमा स्नान की परंपरा में महिलाओं के वस्त्र बदलने की कोई सुविधा न होने को प्रशासनिक लापरवाही बताया
राजनांदगांव। हिन्दू युवा मँच जिला इकाई द्वारा महापौर हेमा देशमुख और निगम आयुक्त डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी के नाम ज्ञापन सौंपकर शिवनाथ नदी के किनारे लगने वाले मेले में कार्तिक पूर्णिमा स्नान करने वाली महिला श्रद्धालुओं के वस्त्र बदलने के लिए एक वैकल्पिक व्यवस्था करने की माँग की है।
उक्ताशय की जानकारी देते हुए हिन्दू युवा मंच के जिलाध्यक्ष किशोर माहेश्वरी ने बताया कि, मोहारा शिवनाथ नदी के किनारे प्रतिवर्ष लगने वाले मेले के दौरान आयोजित होने वाले कार्तिक पूर्णिमा के पुण्य स्नान करने शहर सहित जिलेभर के लोग बड़ी संख्या में पहुँचते हैं। जिसमे प्रबुद्धजनों सहित बच्चें और महिलाएँ भी बड़ी संख्या में शामिल होती हैं। घाट पर वस्त्र बदलने के लिए कोई व्यवस्था न होने के कारण पूर्णिमा स्नान करने के बाद वस्त्र बदलने में महिलाओं को काफी समस्याएं आती है, और लज्जा के कारण असहज महसूस करती है। जिसको दृष्टिगत रखते हुए नदी के घाट स्थल पर ही किसी उचित स्थान पर अस्थाई तौर पर ही सही महिलाओं के वस्त्र बदलने के लिए दीवार स्वरूप किसी सुरक्षित घेरे या आड़ की तात्कालिक और वैकल्पिक व्यवस्था कर दी जाए तो महिलाएं असहज भी महसूस नहीं करेंगी, उनकी अस्मिता भी बची रहेगी और उनके स्वाभिमान को भी ठेंस नही पहुँचेगी। हिन्दू युवा मंच ने आश्चर्य जताया कि, दशकों से कार्तिक पूर्णिमा स्नान की परंपरा चली आ रही है और स्नान के बाद महिलाओं के वस्त्र बदलने की कभी कोई सुविधा नहीं कि गई। प्रशासन की इस चूक पर हिन्दू युवा मँच ने निशाना साधते हुए कहा है कि, महिलाओं के स्वाभिमान से जुड़ी इतनी महत्वपूर्ण बात कैसे प्रशासन के जेहन में नही आई क्यों अब तक इसके इंतेज़ाम प्रशासन ने नही किये। हिन्दू युवा मंच ने भरोसा जताया है कि, नगर की प्रथम नागरिक और महापौर हेमा देशमुख स्वयं एक महिला है और महिलाओं के स्वाभिमान जैसे संवेदनशील मामलों को वो गंभीरता से लेंगी और त्वरित रूप से महिलाओं के वस्त्र बदलने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करेंगी।
ज्ञापन सौंपने हिन्दू युवा मंच के जिलाध्यक्ष किशोर माहेश्वरी, शहर संयोजक राजा ताम्रकार, सह संयोजक अभिषेक शर्मा, मिथलेश मेश्राम, मेजर सिंह, उपेंद्र धरमगुड़े, मोनू यादव और चेतन सिंह राजपूत आदि उपस्थित थे।
