हिंदू युवा मंच ने महापौर हेमा देशमुख को ज्ञापन सौंपकर मांस दुकानों को स्लाटर हाउस और दुकान आबंटित करने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा।
मंच के जिलाध्यक्ष किशोर माहेश्वरी, शहर संयोजक अभिषेक शर्मा और गौरव निषाद ने बताया कि शहर के कोने-कोने में छोटे-बड़े सभी पैमाने पर मांस की बिक्री धड़ल्ले से और खुलेआम की जा रही है।
सभी छोटे और बड़े व्यवसायी अपने सामर्थ्य के अनुसार दुकान लगाकर, गुमटी या ठेले अथवा घरों को ही दुकान का स्वरूप देकर मांस बिक्री कर अपनी आजीविका चला रहे हैं। इनमें कुछ बड़े और व्यापक पैमाने पर तो कुछ बहुत ही छोटे पैमानें पर मांस बिक्री का व्यापार कर रहे हैं। नियमों की अगर बात करें तो ये दुकानें स्थानीय निकाय अथवा प्रशासन के संरक्षण में या देखरेख में संचालित होनी चाहिए। फुटपाथ अथवा घर पर ही दुकान लगाकर मांस बिक्री करना नियमों के उलंघन के दायरे में आता है। शासन के द्वारा मांस विक्रय के लिए भी कड़े नियम और मापदंड बनाये गए हैं। जिसका पालन हो रहा है अथवा नंही इसकी निगरानी रखने और कार्रवाई करने का पूरा अधिकार खाद्य एवं औषधि विभाग को है।
व्यवसायियों को दुकान आबंटित करने की जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन यानि की नगर पालिका निगम की है। बावजूद काफी सारे मांस विक्रय केंद्र बिना किसी व्यवस्थापन और देखरेख में चल रहे हैं। मांस बिक्री के नियमों पर अगर जाएं तो पशुवध गृह में पशु को काटने से पूर्व विधिवत उनका स्वास्थ्य परीक्षण करने और मांस खाने योग्य है अथवा नहीं इसकी जांच के प्रमाणीकरण के पश्चात मांस बिक्री की अनुमति होती है।
हिंदू युवा मंच की मांग है कि जिस प्रकार नंदई क्षेत्र में लगने वाले मांस बिक्री केंद्र और मछली बाजार को विस्थापित कर नंदई में ही निगम की जमीन पर इनका पुनर्वास किया गया। नंदई में ही निगम की और भी रिक्त भूमि यदि हो तो उस स्थान में इनका पुनर्वास किया जाए।
