दक्षिण एशिया में चीन अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। वह लगातार ऐसी हरकतें कर रहा है, जिससे पड़ोसी देशों पर राष्ट्रीय सुरक्षा व आर्थिक हितों का खतरा पैदा हो। अमेरिकी रक्षा विभाग के मुख्यालय पेंटागन ने सोमवार को कहा कि चीन अपने पड़ोसी देशों पर दबाव बना रहा है और राष्ट्रीय सुरक्षा व आर्थिक हितों जैसे मुद्दे पर उन्हें लगातार डरा-धमका व मजबूर कर रहा है।
चीन की हरकतें हिंद-प्रशांत के अनुकूल नहीं
पेंटागन के मीडिया सचिव जॉन किर्बी ने कहा कि चीन की हरकतें हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति स्थापित करने के अनुकूल नहीं हैं। वह लगातार ऐसी हरकतें कर रहा है, जिससे पड़ोसी देशों को राष्ट्रीय सुरक्षा व आर्थिक हितों का खतरा पैदा हो रहा है। चीन की हरकतें पड़ोसी देशों को धमकाने व उन्हें मजबूर करने जैसी हैं।
सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए अमेरिका तैयार
किर्बी ने कहा कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में मौजूदा सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए बाइडन प्रशासन ने अपने गठबंधनों और साझेदारियों को और मजबूत किया है। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि किसी भी चुनौती से निपटने के लिए हमारे पास पर्याप्त रक्षात्मक क्षमताएं हों। इसलिए हम लगातार मेहनत कर रहे हैं।
सीमा विवाद को लेकर भारत से होगी बात
जॉन किर्बी ने कहा कि भारत-चीन सीमा पर छिड़े विवाद को लेकर संयुक्त राज्य अमेरिका सतर्क है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी प्रशासन एलएसी पर हो रही हलचलों पर नजर बनाए हुए है। किर्बी ने कहा कि इस तनाव को अमेरिका हिंसक नहीं होने देना चाहता। इसलिए जल्द ही अमेरिका भारतीय अधिकारियों ने इस मसले पर बातचीत करेगा।
