लॉकडाउन के दौरान देश के विभिन्न राज्यों में फंसे छत्तीसगढ़ के लगभग दो लाख 20 हजार 197 श्रमिक अपने घर वापस आना चाहते हैं। राज्य शासन द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य वापसी के इच्छुक श्रमिकों एवं अन्य नागरिकों के लिए प्रारंभ किए गए ऑनलाईन पंजीयन व्यवस्था के तहत अब तक कुल एक लाख 27 हजार 975 लोगों ने पंजीयन करवाया हैं इनमें से एक लाख 12 हजार 327 श्रमिक है तथा शेष छात्र, तीर्थ यात्री, पर्यटक एवं अन्य लोग शामिल हैं। राज्य के जिला कलेक्टरों से प्राप्त जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश में 38 हजार 966, महाराष्ट्र में 35 हजार 385, तेलंगाना में 34 हजार 520, जम्मू कश्मीर में 23 हजार 311 एवं गुजरात में 28 हजार 344 छत्तीसगढ़ के श्रमिक है।
छत्तीसगढ़ शासन द्वारा अन्य प्रदेशों में छत्तीसगढ़ के संकटापन्न प्रवासी श्रमिकों को वापस लाने के लिए 12 से 17 मई 2020 तक 13 ट्रेन चलायी जाने की योजना बनाई गई है। जिसमें साबरमती गुजरात से 2, मेहसाणा गुजरात से एक, विरमगाम अहमदाबाद गुजरात से एक, लखनऊ उत्तरप्रदेश प्रदेश से 5, अमृतसर पंजाब से एक, विजयवाड़ा आन्ध्रप्रदेश से एक, मुजफ्फरपुर बिहार से एक और दिल्ली से एक ट्रेन शामिल है। छत्तीसगढ़ से अपने गृह राज्य जाने के इच्छुक 33 हजार 36 श्रमिकों, छात्रों और नागरिकों की संख्या है। जिला कलेक्टरों से प्राप्त जानकारी अनुसार श्रमिकों की संख्या 32 हजार 25 एवं छात्रों तथा अन्य नागरिकों की संख्या एक हजार 11 है। इनमें से उत्तर प्रदेश, झारखण्ड, जम्मू कश्मीर, महाराष्ट्र, बिहार एवं पश्चिम बंगाल के श्रमिक अधिकतम है।
छत्तीसगढ़ शासन एवं श्रम विभाग द्वारा हेल्पलाईन, मीडिया, जनप्रतिनिधि एवं अन्य स्त्रोतों से प्राप्त सूचना के आधार पर राज्य में एवं राज्य से बाहर लगभग 3 लाख श्रमिकों की समस्याओं का सीधे तौर पर निराकरण करते हुए लाभान्वित किया गया। अब तक जिला मुंगेली में 7890, बेमेतरा 6278, बालोद 966, दुर्ग 866, कोरिया 658, कबीरधाम 554, राजनांदगांव 194, सूरजपुर 158, रायगढ़ 30, जांजगीर 64, गरियाबंद 14, कोरबा 2, बलरामपुर 1 को मिलाकर कुल 17 हजार 677 श्रमिकों के खाते में 66.29 लाख रूपए नगद भुगतान संबंधित जिला प्रशासन द्वारा किया गया।लॉकडाउन के द्वितीय चरण में 20 अप्रैल 2020 के पश्चात अद्यतन तक शासन द्वारा छूट प्रदत्त गतिविधियों एवं औद्योगिक क्षेत्रों में कुल 91 हजार 977 श्रमिक पुनः कार्य कर वापस लौटे। 20 अप्रैल 2020 के पश्चात छोटे बड़े 1199 कारखानों में पुनः कार्य प्रारंभ हुआ। कई कारखानों एवं औद्योगिक संस्थानों में अब तक 26 हजार 102 श्रमिकों को 34 करोड़ 12 लाख 30 हजार 114 रूपए बकाया वेतन के रूप में भुगतान कराया गया। ईएसआई के माध्यम से राज्य भर में 42 क्लीनिक संचालित है, जिसमें 47 हजार 975 श्रमिकों का ईलाज एवं दवा वितरण का कार्य संचालित है।
