पहली पंक्ति में खड़े होकर देश भर के डॉक्टर कोरोना के खिलाफ जंग लड़ रहे हैं। ऐसे संकट के समय में मरीजों की जान बचाने के लिए वह अपनी जान जोखिम में डालने से भी नहीं कतरा रहे हैं। एम्स के कोरोना वार्ड में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला।
यहां शुक्रवार रात एक मरीज गंभीर हालत में भर्ती हुआ था। वार्ड में शिफ्ट करने के दौरान उसके वेंटिलेटर की ट्यूब निकल गई थी, जिससे मरीज की हालत और बिगड़ गई। इस दौरान ड्यूटी पर तैनात डॉ. जाहिद ने जान की परवाह न करते हुए तुरंत अपनी पीपीई किट उतारी और मरीज को ट्यूब चढ़ाई।
डॉ. जाहिद कहते हैं कि पीपीई किट के फेस शील्ड व चश्मे के अंदर फॉगिंग अधिक होने से ठीक से कुछ दिख नहीं रहा था। मरीज के पास अधिक समय नहीं था। ऐसे में उन्होंने तुरंत फैसला लेते हुए फेस शील्ड व चश्मा हटाकर मरीज को वेंटिलेटर की ट्यूब चढ़ाई।
एम्स के डॉक्टर श्रीनिवास ने बताया कि समय रहते ट्यूब न चढ़ाई जाती, तो मरीज की जान जा सकती थी। इस घटना के बाद एहतियात के तौर पर डॉ. जाहिद को क्वारंटीन में रखा गया है। उनके इस साहसिक कदम पर एम्स फैकल्टी व साथी डॉक्टर तारीफ कर रहे हैं।
