० संभागीय उपायुक्त दुर्ग ने दिए कलेक्टर राजनांदगांव को जांच के आदेश
राजनांदगांव। डोमेन्द्र कुमार देवांगन जिसे जांच समिति ने दिनांक 29.05.2021 को अपात्र कर दिया था, जिसकी जानकारी जिला शिक्षा अधिकारी हेतराम सोम को भी दिया गया था और नोटशीट में जिला शिक्षा अधिकारी के हस्ताक्षर है, उसे बढ़े नाटकीय ढंग से अचानक पात्र बताकर दिनांक 31 मई 2021 को नियुक्ति आदेश जारी कर दिया गया और नियुक्ति आदेश में भी जिला शिक्षा अधिकारी के हस्ताक्षर है और संबंधित व्यक्ति 2 जून को नौकरी ज्वानिंग कर नौकर कर रहा था और जब 10 जून 2021 को लिखित शिकायत हुआ, तो उसका नियुक्ति आदेश 16 जून को निरस्त कर दिया गया। यही वह व्यक्ति है जिसने कलेक्टर राजनांदगांव के समक्ष उपस्थित होकर पैसे के लेन-देन की लिखित शिकायत भी किया था। नस्ती में कार्यालय सहायक द्वारा अभ्यावेदक के अपात्रता के संबंध में उल्लेखित करने बाद भी डीईओ द्वारा नियुक्ति दिया जाना विधि विपरीत एंव संदेहास्पद है।
व्यापंम शिक्षक सीधी भर्ती में भी दीपक कुमार तिर्की जो अपात्र था, उसे पात्र बताकर दिनांक 3 मार्च 2021 को प्रावधिक आंबटन पत्र जारी कर दिया गया था जब शिकायत हुआ तो 14 अगस्त 2021 को उसे अपात्र घोषित कर दिया गया।
इस मामलों को लेकर छत्तीसगढ़ पैरेंट्स एसोसियेशन का एक प्रतिनिधि मंडल संभागीय कमिश्नर, दुर्ग से इस मामले में हेतराम सोम, जिला शिक्षा अधिकारी राजनांदगांव के विरूद्ध तत्काल सख्त कार्यवाही करने की मांग किया गया था, जिस पर संभागीय उपायुक्त, दुर्ग ने कलेक्टर राजनांदगांव को जांच प्रतिवेदन अभिमत सहित यथाशीघ्र प्रस्तुत करने दिनांक 27 सितंबर को पत्र जारी किया गया है।
